झांसी एनकाउंटर: अखिलेश यादव से पुष्पेंद्र के परिवार ने कहा यह, आक्रोशित सपा अध्यक्ष ने दिया बड़ा बयान

झांसी एनकाउंटर: अखिलेश यादव से पुष्पेंद्र के परिवार ने कहा यह, आक्रोशित सपा अध्यक्ष ने दिया बड़ा बयान
Akhilesh Yadav

Abhishek Gupta | Updated: 09 Oct 2019, 07:57:53 PM (IST) Lucknow, Lucknow, Uttar Pradesh, India

झांसी के एनकाउंट मामले के बाद जिले में भारी पुलिस फोर्स तैनात कर दिया गया है। पुलिस के खिलाफ क्षेत्र में व्यापक जन रोष है.

झांसी. झांसी के एनकाउंट मामले के बाद जिले में भारी पुलिस फोर्स तैनात कर दिया गया है। पुलिस के खिलाफ क्षेत्र में व्यापक जन रोष है। पुष्पेंद्र यादव के एनकाउंटर के बाद सियासत भी गरमा गई है। बुधवार को समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव झांसी से 30 किलोमीटर दूर पुष्पेंद्र के गांव करगुआ खुर्द उसके परिवार से मिलने पहुंचें। पीड़ित परिवारीजनों से भेंट कर उन्हें सांत्वना दी। पुष्पेन्द्र यादव की विधवा की शादी अभी तीन महीने पहले ही हुई थी। उसका रो-रोकर बुरा हाल है। परिवारीजनों से मिलने के बाद अखिलेश यादव ने कहा कि किसी को भी पुलिस की कहानी पर भरोसा नहीं है। झांसी का पुलिस प्रशासन जो घटनाक्रम बता रहा है उससे कोई संतुष्ट नहीं है। परिवार को भी उस पर भरोसा नही है। उन्होंने कहा यह एन्काउण्टर नहीं हत्या है।

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परिवार को दिलाया भरोसा-

अखिलेश यादव ने विश्वास दिलाया कि पुष्पेन्द्र यादव के परिवार को न्याय दिलाया जाएगा। समाजवादी पार्टी उनके दुःख में शामिल है और वह उनका साथ देगी। अखिलेश इस बात से बहुत आक्रोशित थे कि पुलिस निर्दोषों की हत्या कर रही है। कानून के रक्षक ही भक्षक बन रहे हैं। जनता के नागरिक अधिकारों पर डाका डाला जा रहा है। उन्होंने कहा जिस प्रदेश के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री है वहां जनता को न्याय न मिले तो ताज्जुब हैं। अखिलेश यादव के आते ही यहां के लोग नारे लगा रहे थे कि पुष्पेन्द्र के हत्यारों को सजा मिले, पीड़ित परिवार को न्याय मिले।

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Akhilesh yadav

सपा ने की यह मांग-

समाजवादी पार्टी की मांग है कि आरोपी एसओ पर 302 का केस दर्ज किया जाए। घटना की हाईकोर्ट के माननीय सिटिंग जज से जांच कराई जाए। जिसने हत्या की उसे जेल भेजा जाए। पुलिस दोषी है। सबसे ज्यादा मानव अधिकार आयोग की नोटिसे उत्तर प्रदेश सरकार को मिली हैं। हवालात में मौतें यहीं सबसे ज्यादा हुई है। कानून व्यवस्था ध्वस्त है। मृतक और उसके शोकाकुल परिवार को इंसाफ दिलाने के लिए उठ रही आवाजों को कहां तक दबाएगी सरकार?

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