BIG BREAKING- येन वक्त पर भाजपा ने किया बड़ा उलटफेर, सपा-बसपा के ये नेता पार्टी में हुए शामिल..इस जिले से बदलेगी चुनावी तस्वीर--

BIG BREAKING- येन वक्त पर भाजपा ने किया बड़ा उलटफेर, सपा-बसपा के ये नेता पार्टी में हुए शामिल..इस जिले से बदलेगी चुनावी तस्वीर--

Ruchi Sharma | Publish: Apr, 21 2019 02:14:15 PM (IST) | Updated: Apr, 21 2019 02:16:51 PM (IST) Lucknow, Lucknow, Uttar Pradesh, India

गठबंधन को दिया जोर का झटका, सपा-बसपा के ये नेता पार्टी में शामिल कराकर बदले समीकरण

 

झांसी. लोकसभा-2019 के चौथे चरण के मतदान से कुछ ही दिन पहले भारतीय जनता पार्टी ने सपा-बसपा गठबंधन को बुंदेलखंड में जोर का झटका दिया है। जालौन के पूर्व सांसद, बसपा के पूर्व मंडल प्रभारी, झांसी की पांच बार की पार्षद और रानीपुर नगर पंचायत के पूर्व अध्यक्ष के परिजनों समेत अनेक ग्राम प्रधानों को पार्टी में शामिल कराकर बुंदेलखंड के चुनावी समीकरण बदलने की दिशा में काम किया है। भाजपा द्वारा किए गए इस बड़े उलटफेर से बुंदेलखंड की चार में से तीन लोकसभा सीटों पर असर पड़ने का अनुमान लगाया जा रहा है।

ये नेता हुए भाजपा में शामिल

भारतीय जनता पार्टी उत्तर प्रदेश में सपा-बसपा के गठबंधन के बुने गए मजबूत ताने-बाने को छिन्न-भिन्न करने में कोई कसर नहीं लगा रही है। इसी के तहत एक तरफ जहां 2009 में समाजवादी पार्टी से जालौन के सांसद रहे घनश्याम अनुरागी को भाजपा में शामिल कराया गया। वह इन दिनों बहुजन समाज पार्टी में थे। इसके अलावा झांसी-ललितपुर संसदीय सीट के मऊरानीपुर में सभा को संबोधित करने आए भाजपा नेता राजनाथ सिंह के दौरे के अवसर पर बसपा के पूर्व मंडल अध्यक्ष गोकुल दुबे और पांच बार की सभासद उनकी पत्नी श्रीमती सुशीला दुबे ने भी भाजपा ज्वाइन की। इसके अलावा रानीपुर नगर पंचायत से सपा की अध्यक्ष रही रामसखी के पति शालिगराम ने भी पार्टी की सदस्यता ले ली। इसके अलावा अनेक ग्राम प्रधानों ने भी पार्टी की सदस्यता ग्रहण की।

इन सीटों पर पड़ेगा असर

सपा-बसपा के इन तमाम नेताओं के भाजपा में शामिल होने से बुंदेलखंड के चुनावी समीकरण जरूर प्रभावित होंगे। जालौन से सपा से सांसद रहे घनश्याम अनुरागी पिछले कुछ समय से बसपा में चले गए थे। अब येन वक्त पर उनके पाला बदलने का असर जालौन और हमीरपुर दोनों लोकसभा सीटों पर पड़ने के आसार नजर आने लगे हैँ। अनुरागी ने अपना राजनीतिक सफर ग्राम प्रधान से शुरू किया था। इसके बाद वह हमीरपुर से जिला पंचायत के अध्यक्ष रहे। बाद में वह जालौन से सांसद रहे। इसलिए दोनों ही सीटों पर उनके समर्थकों की अच्छी खासी तादाद है।

झांसी-ललितपुर में बदलेंगे समीकरण

इधर, झांसी-ललितपुर सीट पर भी काफी उलटफेर हुआ है। झांसी नगर निगम/नगर पालिका में लगातार पांचवी बार सभासद सुशीला दुबे नगर निगम के चुनाव में मेयर के पद की दावेदार थीं। बाद में उन्हें मेयर का टिकट न देकर, सभासद का टिकट दिया गया। इसे नकारते हुए उन्होंने निर्दलीय के रूप में चुनाव लड़ा और फिर जीतीं। उनके साथ ही उनके पति और बसपा के पूर्व मंडल अध्यक्ष गोकुल दुबे भी भाजपा में शामिल हो गए। इसके अलावा रानीपुर नगर पंचायत की पूर्व अध्यक्ष रामसखी के पति शालिगराम समेत अनेक नेताओं ने भाजपा ज्वाइन की। इससे झांसी-ललितपुर सीट के चुनावी समीकरणों पर भी असर पड़ेगा।

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