ये महिला फूलों के बजाए मार्कशीट की माला पहनकर नामांकन करने पहुंची, बताई ये वजह

ये महिला फूलों के बजाए मार्कशीट की माला पहनकर नामांकन करने पहुंची, बताई ये वजह

By: Abhishek Gupta

Published: 10 Nov 2017, 06:54 AM IST

झांसी। निकाय चुनाव के नामांकन के दौरान प्रत्याशियों के अलग-अलग अंदाज नजर आ रहे हैं। कोई ढोल-नगाड़े लेकर नामांकन करने पहुंचता है, तो कोई पार्टी झंडे वाले रंग के कपड़े पहनकर। इसमें में ज्यादातर प्रत्याशियों के गले में फूलों की माला होती है। इन सबसे अलग अंदाज में फूलों की माला के बजाए अपनी मार्कशीट और डिग्रियों की माला पहनकर एक महिला प्रत्याशी ने नगर निगम के मेयर पद के लिए नामांकन करके सबका ध्यान खींचा। भारतीय प्रजाशक्ति पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष की पत्नी नारी शक्ति ? सेना की प्रमुख श्रीमती नीरजा रावत ने नामांकन करने के बाद आरक्षण की व्यवस्था पर जमकर हमला बोला। उन्होंने आरक्षण की व्यवस्था को खत्म करने की जरूरत बताई।

पार्टी का है आरक्षण के खिलाफ नारा

भारतीय प्रजा शक्ति पार्टी आरक्षण की व्यवस्था को खत्म कराने के उद्देश्य को लेकर ही चल रही है। जब-तब इसके लिए पार्टी स्तर से आंदोलन चलाए जाते रहे हैं। पार्टी प्रत्याशी का कहना है कि आरक्षण की व्यवस्था के चलते सामान्य वर्ग की पढ़ाई-लिखाई और डिग्रियों के कोई मायने नहीं रह जाते हैं। उनकी मेहनत व्यर्थ ही चली जाती है और डिग्रियां बेकार सी नजर आने लगती हैं। इसीलिए वह सामान्य वर्ग के लोगों के बीच अपनी बात को पहुंचाने के लिए ये मार्कशीट की माला पहनकर नामांकन करने आई हैं।

शराबबंदी के लिए भी आंदोलन

भारतीय प्रजाशक्ति पार्टी की महिला इकाई के रूप में नारी शक्ति सेना काम करती है और नीरजा रावत इसकी मुखिया हैं। वह शराब बंदी के लिए आंदोलन चलाकर चर्चा में आईं। उनकी अगुवाई में महिलाएं लाठी-डंडे लेकर शराब की बिक्री पर रोक लगवाने के लिए आंदोलन करती रही हैं। नारी शक्ति सेना की महिलाओं को बाकायदा लाठी चलाने का प्रशिक्षण भी दिया जाता है। उन्होंने व्यवस्था परिवर्तन ही अपना मकसद बताया। नामांकन करने के बाद नीरजा रावत ने अपना एजेंडा भी बताया। उन्होंने बताया कि मेयर बनने के बाद शहर के विकास के लिए उनका विजन क्या है?

Abhishek Gupta
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned