GOOD NEWS: रेलवे ने नए साल में लिया ये सुखद संकल्प

उत्तर मध्य रेलवे के जीएम ने दिए दिशा-निर्देश

By: Abhishek Gupta

Published: 04 Jan 2018, 09:16 AM IST

झांसी। उत्तर मध्य रेलवे के महाप्रबंधक एम सी चौहान ने आगरा , झांसी और इलाहाबाद मंडल के रेल प्रबंधकों के साथ ही अन्य अधीनस्थों को बताया कि उत्तर मध्य रेलवे ने वर्ष-2018 के लिए नया संकल्प लिया है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2018 को उत्‍तर मध्‍य रेलवे के लिए ‘जीरो एक्‍सीडेंट ईयर’ बनाना है। उन्‍होंने आगे कहा कि ‘संरक्षा के लिए जमीनी स्‍तर पर पूरे जुड़ाव की आवश्‍यकता होती है। हम सभी को संरक्षा के प्रति जागरूकता का भाव जमीनी स्‍तर तक ले जाना होगा। उस स्‍तर से आने वाले सुझावों एवं इनोवेशनों पर विशेष ध्‍यान देने की आवश्‍यकता है’।

इन बिंदुओं पर रहेगा फोकस

· कोहरे के मौसम के दौरान लोको इंस्‍पेक्‍टरों द्वारा नियमित‘फुटप्‍लेटिंग’सुनिश्चित की जाये।

· ‘वेल्‍ड वाली लम्‍बी रेलों के अनुरक्षण के मैनुअल के निर्देशों’के अनुरूप ठंड के मौसम में सघन पेट्रोलिंग।

· अधिकारियों/पर्यवेक्षकों द्वारा रात्रिकालीन निरीक्षणों को अधिक सघन करना। विशेष तौर पर स्‍टेशन स्‍टाफ, गेटमैन, गार्ड एवं ड्राइवरों की सतर्कता की जांच करना।

· फील्‍ड स्‍टाफ को संरक्षित परिचालन की कीमत पर शार्टकट न अपनाने के लिए जागरूक करना।

· फोकस्‍ड निरीक्षण एवं सरलीकृत फोकस्‍ड निरीक्षण फॉरमेट। संरक्षा को प्रणाली एवं निरीक्षणों का हिस्‍सा बनाया जाये।

· प्रणाली में उत्पन्न होने वाली कमी के संकेतों पर ध्यान देना। कोई भी दुर्घटना होने के पहले कई संकेत देती है।

· संरक्षित परिचालन में क्रू का बहुत महत्‍वपूर्ण योगदान होता है, उनको जागरूक किया जाये। किसी असामान्‍य स्थिति को तत्‍काल नियंत्रण कक्ष को सूचित किया जाये।

· निरीक्षणों एवं कार्यों की प्रगति का‘सुपर चेक’किया जाये।

· मण्‍डलों के वरिष्‍ठ मण्‍डल संरक्षा अधिकारियों द्वारा प्रणालियों में मिली कमियों का समाधान होने तक उसको फॉलोअप किया जाये।

· रेलवे ट्रैक पर ‘जीरो मिसिंग फिटिंग’ सुनिश्चित किया जाये।

· वरिष्‍ठ मण्‍डल इंजीनियरों, सहायक इं‍जीनियरों एवं परमानेन्‍ट वे इंस्‍पेक्‍टरों द्वारा फील्‍ड में अधिक समय दिया जाये।

· ‘रोलिंग इन’एवं‘रोलिंग आउट’परीक्षण रोलिंग स्‍टॉक की कमियों को पकड़ने का एक मौका होता है। इसकी गुणवत्‍ता उच्‍च स्‍तर की होनी चाहिए एवं कर्मियों को इन परीक्षणों के लिये पूरे ज्ञान हेतु प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए। इस सम्‍बन्‍ध में कर्मियों को सभी सुविधायें दी जानी चाहिए।

· लोको पायलटों/सहायक लोको पायलटों को देय विश्राम समय का उल्‍लंघन नहीं किया जाये।

· ‘प्‍वाइंटों’और‘क्रासिंगों’का नियमित निरीक्षण किया जाये एवं मापे गये आंकड़ों को अवश्‍य दर्ज किया जाये।

· ‘प्‍वाइंटों’और‘क्रासिंगों’एवं तीव्र मोड़ वाले पटरियों के बाहरी रेल की गेज फेस पर नियमित ग्रीसिंग की जाये।

· आग से बचाव के लिये बिजली और सिग्‍नल एवं दूर संचार उपकरणों में उचित‘अर्थिंग’की व्‍यवस्‍था सुनिश्चित की जाये।

· सिग्‍नल फेलियर को ठीक करने के दौरान‘डिसकनेक्‍शन मेमो’ जारी करने को सुनिश्चित किया जाये।

· मानव संसाधन को फोकस एरिया रखना होगा। पेयजल उपलब्‍ध्‍ाता एवं रेल आवासों की स्थिति को बेहतर करने के साथ-साथ हॉस्पिटल में उपलब्‍ध सुविधाओं में सुधार एवं सेवानिवृत्‍त कर्मियों के लिए अलग ओपीडी एवं दवा काउंटर सुनिश्चित करना। कर्मचारियों की शिकायतों का त्‍वरित निस्‍तारण एवं उनकी ट्रेनिंग पर बल।

· रनिंग रूमों की स्थिति में सुधार के तहत साउण्‍ड प्रूफिंग एवं वातानुकूलन।

Abhishek Gupta
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