world malaria day: ये है मलेरिया की सबसे खतरनाक स्थिति, बचने के लिए करें ये जरूरी काम

world malaria day: ये है मलेरिया की सबसे खतरनाक स्थिति, बचने के लिए करें ये जरूरी काम

By: BK Gupta

Published: 25 Apr 2018, 06:28 AM IST

झांसी। मलेरिया दिवस हर वर्ष 25 अप्रैल को मनाया जाता है। इस दिन लोगों को जागरूक किया जाता है, ताकि वे मच्छरों से बचने के उपाय करके उनसे होने वाली खतरनाक बीमारियों से भी बच सकें।
ये है मलेरिया की सबसे खतरनाक स्थिति
मलेरिया के शुरूआती दौर में सर्दी, जुकाम या पेट की गड़बड़ी जैसे लक्षण दिखाई पड़ते हैं। इसके कुछ समय बाद सिर, शरीर और जोड़ों में दर्द, ठंड लग कर बुख़ार आना, नब्ज़ तेज़ हो जाना, उबकाई, उल्टी या पतले दस्त इत्यादि होने लगते हैं। इसके अलावा बुखार का तेजी से उतार-चढ़ाव भी हो सकता है। जब बुखार अचानक से बढ़ कर 3 से 4 घंटे तक रहता है और अचानक उतर जाता है। इसे मलेरिया की सबसे खतरनाक स्थिति माना जाता है।
बचने को करें ये उपाय
सीनियर मलेरिया इंस्पेक्टर विजय बहादुर ने बताया कि मच्छरों से छुटकारा पाने के लिए पूरे जनपद में पांच टीमें तैनात की गयी हैं। ये नियमित रूप से नगर के प्रत्येक मोहल्लों एवं गलियों में जाकर धुआं और एंटी लार्वीसाइड स्प्रे का छिड़काव कर रही हैं। उनका कहना है कि मच्छरों को शुरुआती स्टेज में ही खत्म करने पर ज़ोर दिया जाता है जिससे वो नालियों और ठहरे पानी में पनपने ही न पाएं। सभी मच्छर रुके हुये पानी में अंडे देते हैं। इसलिए रुके हुये पानी के स्थान को भर दें या कुछ बूंद मिट्टी के तेल की दाल दें। पानी से भरे बर्तन को ढककर रखें। इसके अलावा ईडीपीटी के तहत जिला अस्पतालों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रत्येक दिन ओपीडी की सुविधा मौजूद है, जिससे बुखार से पीड़ित व्यक्ति जल्दी से जल्दी अपनी बीमारी की पहचान कर उसका सम्पूर्ण उपचार करा सके। सरकारी अस्पतालों एवं स्वास्थ्य केन्द्रों जांच व उपचार सुविधा निःशुल्क मौजूद है।
हर रविवार मच्छरों पर वार
कुछ इसी तरह का नारा सरकारी स्कूलों के लिए मलेरिया विभाग द्वारा तैयार किया गया है। जनपद के प्रत्येक सरकारी स्कूलों में इस नारे को प्रार्थना के समय नियमित रूप से दोहराया जाता है। बच्चों को बताया जाता है प्रत्येक रविवार वो अपने घर में एक जगह जमा पानी को हटाएं क्योंकि ये मच्छर हमेशा साफ एवं ठहरे पानी में पनपते हैं। इसीलिए बच्चों को प्रत्येक सप्ताह जमा पानी निकालने की सलाह दी जाती है। इसके अलावा बच्चों को इस अभियान से जुड़ने की भी सलाह दी जाती है, जिससे इस रोग को कम किया जा सके। वहीं इन उपायों को अपने घर व पड़ोसियों को भी बताने के लिए संदेश दिये जाते हैं।
सही समय पर उचित इलाज जरूरी
सीनियर मलेरिया इंस्पेक्टर विजय बहादुर ने बताया कि मलेरिया एक जानलेवा बीमारी है, जो एनाफिलीस मादा मच्छर के काटने से फैलती है। इससे निकालने वाला प्रोटोजुअन प्लाज्मोडियम शरीर के ब्लड के साथ मिलने लगता है जिससे धीरे धीरे खून की कमी होने लगती है। इस बीमारी से पीड़ित व्यक्ति को अगर सही समय पर उचित इलाज तथा चिकित्सकीय सहायता न मिले तो यह जानलेवा हो सकती है।

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BK Gupta Desk/Reporting
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