छलकती आंखों के साथ भाई बहन नेपाल रवाना

बड़े बेटे ने कहा कि दुख की इस मनहूस घड़ी में झुंझुनूंवासियों ने जो अपनापन दिखाया उसे वह जीवनभर नहीं भूल सकता। शिक्षक विजय कुमार जानू व अन्य पड़ौसियों ने कहा कि बच्चों का दर्द व उनकी पीड़ा राजस्थान पत्रिका ने लगातार उठाई। इसके बाद अनेक लोग सहायता के लिए आगे आए। बच्चों को संकट के समय सहारा मिला।

By: Rajesh

Published: 12 Jun 2021, 10:25 PM IST

आओ जोड़ें टूटे खिलौने
झुंझुनूं. माता-पिता के एक साथ खोने के दुख के बीच तीनों भाई बहन अपने रिश्तेदारों व परिचितों के साथ नेपाल रवाना हो गए। कोरोना में जान गंवाने वाले मधु उर्फ मनोज विश्वकर्मा व सावित्री के दोनों बेटे व बेटी जैसे ही बस में बैठे तीनों की आंखे छलक पड़ी। बड़े बेटे ने कहा कि दुख की इस मनहूस घड़ी में झुंझुनूंवासियों ने जो अपनापन दिखाया उसे वह जीवनभर नहीं भूल सकता। दोनों भाई बहनों को अपनी दादी के पास छोड़कर वापस झुंझुनूं आना चाहेगा। बच्चों के साथ उनके परिवार के सदस्य व राजस्थान में रहने वाले उनके अन्य परिचित भी गए हैं। यह बस झुंझुनूं से सीधी बच्चों के गांव तक जाएगी। उनको कहीं दूसरा वाहन नहीं बदलना पड़ेगा।

बाल अधिकारिता विभाग ने की सहायता

बाल अधिकारिता विभाग की उप निदेशक प्रिया चौधरी ने बताया कि बच्चों के साथ उनका चाचा भी गया है। चाचा को ही संरक्षक बनाकर भेजा गया है। नेपाल के प्यूठान जिले के कलक्टर व वहां की बाल कल्याण समिति से बात कर वहां बालकों के पुनर्वास की व्यवस्था करवाई गई है। कोशिश करेंगे कि तीनों बच्चों को नेपाल में भी कोई परेशानी नहीं आए। बच्चों की नियमानुसार हर संभव मदद करवाई जाएगी।

पड़ौसी व व्यापारी बोले धन्यवाद पत्रिका
शिक्षक विजय कुमार जानू व अन्य पड़ौसियों ने कहा कि बच्चों का दर्द व उनकी पीड़ा राजस्थान पत्रिका ने लगातार उठाई। इसके बाद अनेक लोग सहायता के लिए आगे आए। बच्चों को संकट के समय सहारा मिला। राजस्थान पत्रिका हमेशा सामाजिक सरोकोरों में आगे रहता है। व्यापारी महेन्द्र सिंह व अन्य ने कहा कि राजस्थान पत्रिका में समाचार पढ़कर ही उन्होंने राशि एकत्रित की।

कोरोना प्रभावित परिवारों से मिले कलक्टर
झुंझुनूं.जिला कलक्टर उमरदीन खान ने शनिवार को कोरोना की वजह से अनाथ हुए बच्चों से मुलाकात की। वे झुंझुनूं शहर के सगीरा चौक, अलीपुर और बुडानिया गांव में कोरोना प्रभावित परिवारों से मिले। उन्होंने समाज कल्याण विभाग के सहायक निदेशक नरेश बारोठिया को कोरोना पीडि़त परिवारों को राहत पहुंचाने के निर्देश दिए। इस दौरान बाल अधिकारिता विभाग की सहायक निदेशक प्रिया चौधरी, जिला श्रम कल्याण अरुणा शर्मा, महिला एवं बाल विकास विभाग के उपनिदेशक बिजेन्द्र सिंह राठौड़, जनसंपर्क अधिकारी हिमांशु सिंह, चाईल्ड हेल्पलाइन के जिला समन्वयक विकास राहड़ भी साथ रहे। जिला कलक्टर ने रीको स्थित कच्ची बस्ती में आंगनबाड़ी केन्द्र खोलने के निर्देश दिए।

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