झुंझुनूं की महिलाएं तीरंदाजी को बढ़ाएंगी आगे

कार्यकारिणी में अध्यक्ष एलिस ओला,
वरिष्ठ उपाध्यक्ष ममता,उपाध्यक्ष डा0 मीना शेखावत, सुमन व नीलिमा सैनी को बनाया गया है।

By: Rajesh

Published: 12 Jan 2021, 11:27 PM IST

झुंझुनूं. एथलेटिक्स, बॉक्सिंग व वॉलीबाल में नाम कमा रहे झुंझुनूं के खिलाड़ी अब तीर चलाकर पदक जीतेंगे और जिले के नाम रोशन करेंगे। जिले में जल्द ही तीरंदाजी का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके लिए तैयारियां शुरू हो गई है।

#archery in jhunjhunu
झुंझुनंू जिला तीरंदाजी एसोसिएशन की योगी स्टेडियम मण्डावा रोड में नई कार्यकारिणी के चुनाव करवाए गए। जिसके सभी पदों पर महिलाएं पदाधिकारी बनी है। खास बात यह है कि अब तीरंदाजी को महिलाएं आगे बढ़ाएंगी।

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चुनाव अधिकारी महेन्द्र सिंह बसेरा ,जिला क्रीडा परिषद के ऑब्जर्वर राजेश ओला , राजस्थान तीरंदाजी संघ के ऑब्जर्वर आकाश शर्मा व जिला ओलम्पिक संघ के ऑब्जर्वर अजय प्रेमी थे । कार्यकारिणी में अध्यक्ष एलिस ओला,
वरिष्ठ उपाध्यक्ष ममता,उपाध्यक्ष डा0 मीना शेखावत, सुमन व नीलिमा सैनी को बनाया गया है। इसके अलावा सचिव रेणु, सह सचिव निहारिका मोयल व फैमिदा कंवर खां तथा कोषाध्यक्ष शकुंतला सैनी को बनाया गया है।
सचिव रेणु ने बताया कि अंजना शर्मा, पपीता कुल्हरी व संगीता को कार्यकारिणी सदस्य बनाया गया है।

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बालिकाओं, महिलाओं में नहीं रहेगी खून की कमी
झुंझुनूं. बालिकाओं, किशोरियों, महिलाओं में होने वाली खून की कमी को दूर करने के संबंध में एनिमिया मुक्त झुंझुनूं अभियान की शुरुआत मंगलवार से की गई। जिला प्रशासन, आइसीडीएस, आरआर हास्पिटल की ओर से जांच शिविर का सीतसर एवं अणगासर के आंगनबाडी केन्द्र में किया गया। अभियान की सार्थकता के लिए सरकारी विभागों के साथ इस बार प्राइवेट मशीनरी का भी सहयोग लिया गया है। ग्रामीण स्तर पर पहले मेडिकल टीम की ओर से खून की जांच की जाएगी। इसके बाद जिन महिलाओं एवं बालिकाओं में खून की कमी है, उन्हें आयरन की दवाईयां दी जाएगी और भविष्य में उन्हें इस तरह की समस्या का सामना नहीं करना पड़े, इसके लिए विभाग की ओर से उन्हें घर पर ही न्यूट्री गार्डन विकसित करने के सुझाव एवं आवश्यक बीज उपलब्ध करवाएं जाएंगे। विभाग के उप निदेशक विप्लव न्यौला ने बताया कि बेटी बचाओ बेटी पढाओ अभियान की निरंतता में यह अभियान चलाया जा रहा है। आरआर अस्पताल के राजेश रेवाड़ ने बताया कि अस्पताल की ओर से निशुल्क जांच करने, मेडिसन देने और आवश्यकता होने पर ब्लड देने तक की कार्रवाई की जाएगी। सीडीपीओ ज्योति रेपस्वाल ने हिमोग्लोबिन की महत्ता बताई। अध्यक्षता कर रहे उप निदेशक बृजेन्द्र सिंह राठौड ने कहा कि पहले लोगों के खान पान की सामग्री और उन्हे पकाने के लिए काम आने वाले बर्तन स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण होते थे, मगर समय के परिवर्तन के बाद अब लोगों ने इसमें परिवर्तन कर लिया है, जो बीमारियों को विकसित करने में सपोर्ट सिस्टम बनता जा रहा है।

मेडिकल टीम ने की जांच
कार्यक्रम के दौरान सीतसर एवं अणगासर दोनों जगहों पर अस्पताल की ओर से नियुक्त टीम ने उपस्थित बालिकाओं, किशोरियों, महिलाओं की खून जांच की और मौके पर ही उनको स्वास्थ्य के प्रति बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में बताया। अगले चरण में जिले की आबूसर एवं दुर्जनपुरा ग्राम पंचायतों में इन शिविरों का आयोजन होगा।
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