सावधान! झुंझुनूं पहुंच गया ब्लैक फंगस

राजेन्द्र चेन्नई में निजी वाहन चालक का कार्य करता था। बेटी की शादी करने के लिए गांव जहाज आया हुआ था। सात मई को बेटी की शादी की। शादी समारोह होने के बाद अचानक तबीयत खराब हो गई थी। राजेन्द्र के दो बेटे व एक बेटी है।

By: Rajesh

Published: 20 May 2021, 10:51 PM IST

# black fungus in jhunjhunu
पचलंगी (झुंझुनूं). जिले में ब्लैक फंगस से बुधवार को पहली मौत हो गई। जहाज गांव निवासी राजेन्द्र प्रसाद ऊर्फ राजू सैनी (42) कई दिनों से बीमार था। उसे कुछ दिन पहले सीकर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां थोड़ा आराम आने पर अस्पताल प्रबंधन ने छुट्टी दे दी। इस दौरान परिजन उसे गांव ले आए। गांव के ही एक नर्सिंगकर्मी से उपचार कराते रहे। अचानक तबीयत खराब होने पर परिजन मंगलवार सुबह फिर सीकर लेकर आए। इस दौरान उनको एम्बुलेंस भी नहीं मिली। परिजन डीजे लगे वाहन में ऑक्सीजन सिलेंडर लगाकर उसे सीकर लेकर गए। मरीज के परिजन कई घंटे तक सीकर में ही भटकते रहे। देर शाम उसे जयपुर लेकर गए। जयपुर के एसएमएस चिकित्सालय में चिकित्सकों ने ब्लैक फंगस बताया। वहीं बुधवार को इलाज के दौरान जयपुर में राजेन्द्र की मौत हो गई।

चेन्नई से आया था राजेन्द्र

राजेन्द्र चेन्नई में निजी वाहन चालक का कार्य करता था। बेटी की शादी करने के लिए गांव जहाज आया हुआ था। सात मई को बेटी की शादी की। शादी समारोह होने के बाद अचानक तबीयत खराब हो गई थी। राजेन्द्र के दो बेटे व एक बेटी है।

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क्या है ब्लैक फंगस

कोरोना से ठीक हो रहे कुछ मरीजों में ब्लैक फंगस हो रहा है। यह ज्यादातर स्टेरॉइड्स के कारण फैलता है। कोरोना के मरीजों के उपचार के लिए स्टेरॉइड्स का इस्तेमाल किया जाता है। कोरोना से ठीक हुए लोग की इम्यूनिटी इन स्टेरॉइड्स से कम हो जाती है और उनका ब्लड प्रेशर भी बढ़ा हुआ होता है। डायबिटीज से पीडि़त और स्टेरॉइड्स ज्यादा लेने वाले मरीजों में ब्लैक फंगस का ज्यादा खतरा है। इससे बचने के लिए अपनी शुगर को नियंत्रित रखना होगा। स्टेरॉइड्स के अलावा कोरोना की कुछ और दवाइयां भी मरीज की इम्युनिटी पर असर डालती है। खासकर कोरोना से हाल ही में ठीक हुए लोगों को अपनी सेहत का खास ख्याल रखना होगा क्योंकि वे भी इस फंगल इंफेक्शन से अधिक असुरक्षित हैं।

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ब्लैक फंगस के लक्षण-
आंखों में लालपन और दर्द-बुखार-सिरदर्द-खांसी-सांस लेने में तकलीफ-मानसिक स्थिति में बदलाव

इनका कहना है

मौत की सूचना के बाद गुरुवार को जहाज गांव में टीम भेजी गई है। वहां सर्वे करवाया गया है। इस बीमारी से डरें नहीं। तुरंत डॉक्टर से दिखाएं। समय पर दिखाने पर उपचार संभव है।
-डॉ सीएल गुर्जर, सीएमएचओ

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