scriptBlood Component Separation Unit will start in BDK | बीडीके में शुरू होगी ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट | Patrika News

बीडीके में शुरू होगी ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट

जिला मुख्यालय स्थित सबसे बड़े राजकीय भगवानदास खेतान अस्पताल स्थित ब्लड बैंक में एक महीने बाद ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट शुरू हो जाएगी। वर्तमान में जिले में डेंगू का दंश झेल रहे मरीजों को प्लेटलेट्स की सबसे ज्यादा जरूरत पड़ रही है। इसके लिए या तो उन्हें ज्यादा रुपए खर्च कर निजी अस्पतालों से प्लेटलेट्स चढ़वानी पड़ती या फिर जयपुर के लिए रैफर होना पड़ता। परंतु अब एक महीने बाद इस समस्या से राहत मिलने की उम्मीद हो गई है।

झुंझुनू

Published: November 19, 2021 11:25:59 am

झुंझुनूं. डेंगू समेत अन्य बीमारियों के मरीजों को जल्द ही प्लेटलेट्स के लिए जयपुर नहीं जाना पड़ेगा और ना ही निजी अस्पतालों के भरोसे रहने की जरूरत पड़ेगी। क्योंकि जिला मुख्यालय स्थित सबसे बड़े राजकीय भगवानदास खेतान अस्पताल स्थित ब्लड बैंक में एक महीने बाद ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट शुरू हो जाएगी। वर्तमान में जिले में डेंगू का दंश झेल रहे मरीजों को प्लेटलेट्स की सबसे ज्यादा जरूरत पड़ रही है। इसके लिए या तो उन्हें ज्यादा रुपए खर्च कर निजी अस्पतालों से प्लेटलेट्स चढ़वानी पड़ती या फिर जयपुर के लिए रैफर होना पड़ता। परंतु अब एक महीने बाद इस समस्या से राहत मिलने की उम्मीद हो गई है। बस यूनिट की शुरूआत के लिए लाइसेंस, मशीन और एक्सपर्ट लैब टेक्निशियन का इंतजार है। बीडीके अस्पताल स्थित ब्लड बैंक में अन्य आवश्यक उपकरण मौजूद हैं। अधिकारियों के अनुसार ब्लड बैंक में जगह भी उपलब्ध है। इसके अलावा फ्रीज, जनरेटर आदि उपलब्ध हैं।

बीडीके में शुरू होगी ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट
बीडीके में शुरू होगी ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट
क्या है ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट
डेंगू, मलेरिया, आग से जलने समेत कई बीमारियों में रोगियों को खून के कंपोनेंट चढ़ाने की जरूरत होती है। ब्लड में अनेक कंपोनेंट होते हैं। इनमें रेड ब्लड सेल (आरबीसी), श्वेत रक्त कणिका(डब्ल्यूबीसी),प्लाज्मा, प्लेटलेट्स और क्रायोप्रेसीपिटेट शामिल हैं। सेपरेशन यूनिट में ब्लड को घुमाया (मथा) जाता है। इससे ब्लड परत दर परत (लेयर बाई लेयर) हो जाता है और आरबीसी, प्लाज्मा, प्लेटलेट्स और क्रायोप्रेसीपिटेट अलग-अलग हो जाते हैं। जरूरत के मुताबिक इनको निकाल लिया जाता है। निकले गए रक्त के प्रत्येक तत्व की अलग-अलग जीवन अवधि होती है। एक यूनिट 3 से 4 लोगों की जरूरत पूरी कर सकती है।

एक महीने में शुरू होगी यूनिट...
अस्पताल में ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट शुरू करने के लिए एक महीने की प्लानिंग है। इसके लिए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य निदेशालय के एडिश्नल डायरेक्टर से एक्सपर्ट लैब टेक्निशियन की मांग कर रखी है। टेक्निशियन मिलते ही लाइसेंस मिल जाएगा। वहीं, आरएमएससीएल की ओर से जल्द ही मशीन मिलने वाली है। इसके अलावा सभी जरूरी उपकरण उपलब्ध हैं।
डा. वीडी बाजिया, वरिष्ठ शिशु रोग विशेषज्ञ व पीएमओ, बीडीके (झुंझुनूं)

सबसे लोकप्रिय

शानदार खबरें

Newsletters

epatrikaGet the daily edition

Follow Us

epatrikaepatrikaepatrikaepatrikaepatrika

Download Partika Apps

epatrikaepatrika

बड़ी खबरें

Copyright © 2021 Patrika Group. All Rights Reserved.