भरदे झोली मेरी या मोहम्मद...

सुबह से ही जायरीन दरगाह पहुंचने शुरू हो गए। जायरीनों ने बाबा की मजार पर मत्था टेककर मन्नतें मांगी।

By: gunjan shekhawat

Updated: 04 Apr 2019, 12:04 PM IST

चिड़ावा. नरहड़ स्थित सूफी संत हजरत शकरबार शाह की दरगाह के 750वें तीन दिवसीय सालाना उर्स के दूसरे दिन बुधवार को जायरीनों का तांता लगा रहा। सुबह से ही जायरीन दरगाह पहुंचने शुरू हो गए। जायरीनों ने बाबा की मजार पर मत्था टेककर मन्नतें मांगी। सुबह आठ बजे रस्मे गुसल मजार ए शरीफ व फातेहा की रस्म की गई। दोपहर में अमजद पठान ने मखमली चादर पेश की। पठान ने ऊंट पर सवार होकर गाजे-बाजे के साथ दरगाह पहुंचकर अजमेर से लाई चादर चढ़ाई। शाम को कुल के छींटों की रस्म हुई। जिसमें देश के कौने-कौने से आए जायरीनों ने हिस्सा लिया। इससे पहले दिनभर जायरीनों ने बाबा के दर्शन कर मन्नत मांगी। उर्स में पंजाब, दिल्ली, यूपी, राजस्थान सहित अन्य जगहों से हजारों की संख्या में जायरीन बाबा के दर पर पहुंचे। वक्फ बोर्ड, हिस्सेदारों व पंचायत प्रशासन द्वारा सहयोग दिया गया।

 


जगह-जगह पुलिस के जवान तैनात किए गए। पठान परिवार के शाहिद पठान की ओर से दिनभर जायरीनों के लिए विशेष लंगर की व्यवस्था की जाएगी। रातभर कव्वाली के प्रोग्राम हुए। जिसमें देशभर से आए फनकारों ने कलाम पेश किए। फनकारों ने अजमेर मुझे पहुंचा दे खुदा, चादर में चढ़ाऊं फूलों की..., क्यों आके रो रहा है मोहम्मद के शहर में...भरदे झोली मेरी या मोहम्मद, लौटकर मैं ना जाऊंगा खाली...जैसी कव्वालियां पेश की।
उधर, तीन दिवसीय उर्स का समापन गुरुवार को सुबह 11 बजे धरसूवाले बाबा की फातेहा व कुल के छींटों के साथ होगा।
इस मौके पर एसडीएम जेपी गौड़, डीएसपी आरपी शर्मा, तहसीलदार ज्वालासहाय मीणा, पिलानी थानाधिकारी मदनलाल कड़वासरा ने उर्स व्यवस्था पर नजर रखी। इस मौके पर वक्फ बोर्ड के प्रतिनिधि मोहसिन गौड़, रतनलाल टेलर, सिराज अली, खादिम परिवार के हाजी अजीज खान पठान, शाहीद पठान, अब्दुल वाजिद जाफरी, सूफी इसरार, कल्लू पीरजी, सरपंच प्रतिनिधि सुभाष स्वामी, पूर्व चेयरमैन सफीक पीरजी, उस्मान पठान मालीगांव, असलम-अकरम पठान आदि मौजूद थे।

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