प्रभावित देश से आने वाले हर व्यक्ति को 14 दिन अलग वार्ड में रखते तो नहीं होते झुंझुनूं के यह हाल

जिन देशों को विश्व स्वास्थ्य संगठनों ने हाई रिस्क में मान रखा है वहां से आने वाले यात्रियों को भी अस्पताल या वार्ड में नहीं रखा। वे कई दिन तक घूमते रहे। कई अभी भी घूम रहे हैं। वे जगह-जगह वायरस फैला रहे हैं। जानकारों का कहना है कि संक्रमित व्यक्ति सैकड़ों लोगों से मिलते रहे, लेकिन चिकित्सा विभाग केवल कागजों में खानापूर्ति करता रहा।

लापरवाह रहा चिकित्सा विभाग
झुंझुनूं ञ्च पत्रिका. कोरोना को लेकर झुंझुनूं का चिकित्सा विभाग लापरवाह रहा। किसी ने अपनी जिम्मेदारी रखी। जिन देशों को विश्व स्वास्थ्य संगठनों ने हाई रिस्क में मान रखा है वहां से आने वाले यात्रियों को भी अस्पताल या वार्ड में नहीं रखा। वे कई दिन तक घूमते रहे। कई अभी भी घूम रहे हैं। वे जगह-जगह वायरस फैला रहे हैं। जानकारों का कहना है कि संक्रमित व्यक्ति सैकड़ों लोगों से मिलते रहे, लेकिन चिकित्सा विभाग केवल कागजों में खानापूर्ति करता रहा।

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इधर दूसरे दिन भी शहर में कफ्र्यू लगा हुआ है। कफ्र्यू मरीज के घर से एक किलोमीटर के दायरे में लगाया गया था, लेकिन इसका असर पूरे शहर में है। शहर में एक भी बाजार नहीं खुला। सभी प्रतिष्ठान बंद रहे। हर सड़क वीरान रही। लोग घरों में कैद रहे। चाय की थड़ी, सब्जी के ठेले तक बंद रहे। हर कोई कोरोना को लेकर आशंकित रहा। चप्पे-चप्पे पर पुलिस व आरएसी तैनात रही। कोराना आने के बाद से अब तक कुल 267 लोग अलग-अलग देशों से झुंझुनूं आए हैं। उनको भी अस्पताल में भर्ती करवाया जाएगा।
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हर जगह लापरवाही, उसके इस प्रकार दिए जवाब
सवाल- दिल्ली एयरपोर्ट पर सही तरीके से स्क्रीनिंग होती तो वहीं मरीज का पता चला जाता?
जवाब- इसके रोग में लक्षण तुरंत दिखाई नहीं देते। चौदह दिन तक लक्षण दिखाए देते हैं। जब वे ऐयरपोर्ट पर आए होंगे तब हो सकता है उनमें लक्षण नहीं आए होंगे।
सवाल-यह तो पता था कि यह इटली से आए हैं फिर उनको एक जगह 14 दिन तक भर्ती क्यों नहीं किया गया?
जवाब- केन्द्र सरकार की एडवाइजरी के अनुसार हम कार्य कर रहे हैं। सरकार के निर्देश हैं कि उनको पहले होम आइसोलेशन में रखा जाए। कोई लक्षण मिले तो ही भर्ती किया जाए। बिना कारण किसी को भर्ती कर परेशान नहीं किया जाए।
सवाल- जब वे 8 मार्च को आ गए थे तो नमूने 17 तारीख को क्यों लिए?
जवाब- आठ मार्च को उनमें कोई लक्षण नहीं था, इसलिए नमूने नहीं लिए। 17 को लक्षण मिलते ही हमने भर्ती कर लिया।
सवाल- तीनों लोग कितने लोगों के सम्पर्क में आए ?
जवाब- तीनों मरीज अनेक लोगों के सम्पर्क में आए हैं, इनमें से अनेक को चुडैला गांव में बनाए गए विशेष वार्ड में भर्ती कर लिया गया है।
सवाल- जिनको चुडेला के वार्ड में भर्ती किया गया है, उनके नमूने ले लिए गए क्या?
जवाब- नहीं उनके नमूने नहीं लिए गए, क्योंकि अभी उनमें किसी प्रकार के लक्षण नहीं दिखाई दे रहे।

(चिकित्सा विभाग, विश्व स्वास्थ्य संगठन व यूनिसेफ व प्रशासन के जवाब)
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Rajesh Desk/Reporting
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