आप डेंगू पीडि़त हैं तो हो जाइए सावधान; क्योंकि झुंझुनूं में नहीं है प्लेटलेट्स चढ़ाने की सुविधा

इन दिनों बरसात के सीजन के चलते जगह-जगह जमा होने वाली पानी में लार्वा के पनपने से म'छर पैदा हो रहे हैं और इनके काटने से लोग बीमार हो रहे हैं। जिसके चलते इन दिनों सरकारी और निजी अस्पतालों में मरीजों के आने का सिलसिला शुरू हो गया है। जब से कोरोना वायरस का दौर शुरू हुआ है, चिकित्सा विभाग का जैसे अन्य बीमारियों के बचाव की तैयारियां के प्रति ध्यान नहीं रहा।

By: Jitendra

Published: 15 Sep 2021, 08:16 PM IST

झुंझुनूं. कोरोना के साये के बीच जिले में इन दिनों डेंगू ने पांव पसारना शुरू कर दिया है। इन दिनों बरसात के सीजन के चलते जगह-जगह जमा होने वाली पानी में लार्वा के पनपने से म'छर पैदा हो रहे हैं और इनके काटने से लोग बीमार हो रहे हैं। जिसके चलते इन दिनों सरकारी और निजी अस्पतालों में मरीजों के आने का सिलसिला शुरू हो गया है। जब से कोरोना वायरस का दौर शुरू हुआ है, चिकित्सा विभाग का जैसे अन्य बीमारियों के बचाव की तैयारियां के प्रति ध्यान नहीं रहा। बरसात का अधिकांश सीजन बीत चुका है, परंतु चिकित्सा विभाग की ओर से अभी तक किसी शहर, गांव-ढाणी, मोहल्ले में म'छर नाशक दवा का छिड़काव नहीं कराया गया है।

सरकारी रेकॉर्ड: 40 डेंगू और दस चिकनगुनियां के मरीज

जिले में चिकित्सा विभाग के रेकॉर्ड के अनुसार डेंगू और चिकनगुनिया के 50 रोगी मिले हैं। इनमें 40 रोगी डेंगू और दस रोगी चिकनगुनिया के शामिल बताए जा रहे हैं और जिले में इन रोगों से मौत किसी की भी नहीं हुई है।

निजी अस्पतालों में शरण में मरीज

इन दिनों सामने आया है कि जिले के निजी अस्पतालों में डेंगू और चिकगुनियां से पीडि़त रोगी इलाज के लिए आ रहे हैं। जिले के कई अस्पतालों में डेंगू का इलाज किया जाता है।

नहीं है प्लेटलेट्स चढ़ाने की सुविधा

जानकारों की मानें तो डेंगू पॉजिटिव होने पर डेंगू की दवा तो जिले के सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध बताई जा रही हैं। परंतु किसी भी सरकारी अस्पताल में रोगी को बचाने के लिए प्लेटलेटस चढ़ाने की सुविधा नहीं है। ऐसे में मरीजों के परिजनों को जयपुर का रूख करना पड़ता हैं।

जानें ; क्या है डेंगू

डेंगू एक आम संचारी रोग है और इसे आम भाषा में हड्डी तोड़ बुखार कहा जाता है। इसमें तेज बुखार, अत्याधिक शरीर दर्द तथा सिर दर्द होता है। वयस्कों के मुकाबले, ब'चो में इस बीमारी की तीव्रता अधिक होती है। मलेरिया की तरह डेंगू भी म'छरों के काटने से फैलता है। इन म'छरों को 'एडीज म'छरÓ कहते है जो काफी ढीठ व 'साहसीÓ म'छर है और दिन में भी काटते हैं। यह रोग बरसात के मौसम में तथा उसके तुरन्त बाद के महीनों में फैलता है। इसमें सबसे बड़ी गंभीर बात यह है कि जब कोई एडीज म'छर का खून Óयादा चूसता है। म'छर के काटने के बाद तीन से पांच दिन में व्यक्ति के डेंगू के लक्षण दिखाई देने लगते हैं। यह तीन प्रकार का क्लासिकल; साधरण डेंगू बुखार, डेंगू हॅमरेजिक बुखार और डेंगू शॅाक सिन्ड्रोम है। लक्षण होने पर तुरंतु डाक्टरों की सलाह लेकर जांच करवाएं और उपचार लें।

इकना कहना है....

जिले में डेंगू और चिकनगुनिया के 50 रोगी आए हैं। इनमें 40 डेंगू और दस चिकनगुनिया के शामिल हैं। जांच के लिए डेंगू किट समेत दवा की पूरी व्यवस्था है। रोगी की प्लेट्लेटस चढ़ाने संबंधि सुविधा यहां के सरकारी अस्पतालों में नहीं है।
डा. राजकुमार डांगी, डिप्टी सीएमएचओ (हैल्थ), झुंझुनूं

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