झुंझुनूं में एक तरफ पानी की किल्लत तो लोगों के लिए बिजली कटौती भी बन हुई है परेशानी

गर्मी शुरू होते ही लोगों के सामने पीने के पानी की समस्या खड़ी होती है व जितनें पानी की जरूरत उपभोक्ताओं को है उतनी सप्लाई नहीं हो पाती है।

By: Vinod Chauhan

Published: 25 Apr 2018, 01:59 PM IST

मंडावा.

गर्मी शुरू होते ही लोगों के सामने पीने के पानी की समस्या खड़ी होती है व जितनें पानी की जरूरत उपभोक्ताओं को है उतनी सप्लाई नहीं हो पाती है। जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की ओर से पानी के स्टोरज के लिए जो टैंक बना हुआ है वह भी क्षतिग्रस्त हो गया है।उसकी लम्बे समय से सफाई भी नहीं हुई है। जलापूर्ति के लिए लगाए गए अधिकांश हैण्डपम्प खराब पड़े है। ऐसे में गर्मी में लोगों को पर्याप्त जलापूर्ति एक चुनौती से कम नहीं हैं। कस्बे में पाइप लाइनों में कई जगह लिकेज होने से भी पानी व्यर्थ बहता रहता है।


कस्बे में दो पेयजल टंकी पानी सप्लाई के लिए है जिसमें एक जलदाय विभाग कार्यालय परिसर में जिससे कस्बे के वार्ड 5, 6 , 7 व वार्ड 10 एवं 11 के कुछ भाग जहां सीधे टंकी से पेयजल सप्लाई किया जाता है। इस पेयजल टंकी में करीब 4.50 लाख लीटर पानी स्टोरेज एक समय सप्लाई के लिए होता है लेकिन इससे सुबह व शाम दोनों समय पीने का पानी सप्लाई किया जाता है वही वार्ड 4 में स्थित बड़ी टंकी से वार्ड 15, 17 व 18 के साथ बाजार के कुछभाग में पानी सप्लाई होता है जिसकी स्टोरेज क्षमता 3.50 लाख लीटर है। दोनों समय इन टंकियों से करीब 16 लाख लीटर पेयजल सप्लाई किया जाता है। वर्तमान में लगभग 26 नलकूपों से कस्बे के वार्डो में सीधे पेयजल सप्लाई किया जा रहा है लेकिन इनसे एक समय ही उपभोक्ताओं को पीने का पानी मिल रहा है ऐसे में गर्मी के मौसम को देखते हुए यह पेयजल आपूर्ति कम है। कस्बे में करीब 2 वर्ष पहले नलकूपों से दोनों समय पानी सप्लाई करना विभाग ने बंद कर दिया था।


बिजली कटौती के कारण पेयजल व्यवस्था
मुकुंदगढ़. बीस वार्डो वाले पालिका क्षेत्र के अधिकांश वार्डो में सीधे ट्यूबवैलों से पेयजल आपूर्ति होती है। ऐसे में बिजली कटौती होने की स्थिति में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था गड़ाबड़ा जाती है। कस्बे में जलदाय विभाग की ओर से सुबह- शाम दोनो समय आपूर्ति की जाती है। इसके अलावा मंडी क्षेत्र को जलदाय विभाग की ओर दो जोन में विभाजित किया गया है। एक जोन में सुबह व एक जोन में शाम के समय आपूर्ति की जाती है। जिससे कई बार गर्मी के मौसम में खपत ज्यादा होने से पेयजल किल्लत की समस्या गहरा जाती है। जेईएन राकेश ओला ने बताया कि वर्तमान में कस्बे और मंडी क्षेत्र में प्रतिदिन 20 लाख लीटर आपूूर्ति की जाती है। जिसमें सात लाख लीटर स्टोरेज से और शेष सीधे ट्यूबवैलों से की जा रही है। स्टोरेज के लिए वर्तमान में मात्र एक टंकी है।

Vinod Chauhan
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