मलसीसर डेम टूटने के साथ ही शेखावाटी के लोगों का ये सपना भी टूटा

खेतड़ी विधानसभा क्षेत्र पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण यहा पर जमीन में झरने का पानी लगता है वर्षो से वर्षा औसत से कम होने से इसका जलस्तर लगातार गिर रहा

By: Vinod Chauhan

Published: 25 Apr 2018, 12:26 PM IST

खेतड़ी.

खेतड़ी विधानसभा क्षेत्र पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण यहा पर जमीन में झरने का पानी लगता है परन्तु कई वर्षो से वर्षा औसत से कम होने से इसका जलस्तर लगातार गिर रहा है। इस लगातार जल स्तर गिरने से क्षेत्र में लगे अधिकांश हैण्डपम्प नकारा हो चुके है। वही जलदाय विभाग के लगाए गए ट्यूबवेलो में जलस्तर नीचा जाने से कई तो बंद हो गई है तथा कईयो में पानी की आवक कम हो गई है। इसके चलते क्षेत्र में पेयजल किल्लत है खेतड़ी कस्बे में गत दो वर्षो से कभी 6 दिन मे एक बार तो कभी 5 दिन में एक बार पेयजल आपूर्ति होती थी। इस पेयजल किल्लत से छुटकारे के लिए खेतड़ी व झुन्झुनू के लिए 955 करोड़ रुपयो की कुम्भाराम नहर परियोजना स्वीकृत हुई थी। गत दो माह से खेतड़ी कस्बे, गोठडा व आसपास के कई गांवो में इस जलयोजना के पानी की जलदाय विभाग ने सप्लाई शुरु कर दी थी जिससे लोगो ने चैन की सांस ली कि इस बार गर्मियो में तो पेयजल किल्लत का सामना नही करना पड़ेगा। परन्तु गत दिनो मलसीसर में इस योजना के डैम के टूटने से खेतड़ी कस्बे एवं आसपास के गांवो में पूर्व की तरह पेयजल किल्लत का संकट हो गया। स्थानीय लोगो का कहना है कि अप्रेल माह से ही जलदाय विभाग 5-6 दिन में एक बार पेयजल आपूर्ति कर पर रहा है तो मई जून में क्या स्थिति होगी।


इनका कहना है
कुम्भाराम लिफ्ट योजना के डेम पर कार्य चल रहा है इसको पानी की सप्लाई खेतड़ी क्षेत्र में 30 अप्रेल तक पुन: शुरु कर दी जाएगी। जहा पेयजल की ज्यादा किल्लत है वहा टैंकरों से वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी। -देवकरण सिंह श्योराण, अधिशाषी अभियंता जलदाय विभाग खेतड़ी


खिरोड़ में अभी भी अधूरी पड़ी है पाइप लाइन जोडऩे की योजना
खिरोड़.

खिरोड़ में बड़ी पहाड़ी पर बनी पानी सप्लाई की टंकी से पानी सप्लाई होने वाले क्षेत्र में करीब दो महीने से पेयजल समस्या बनी रहने से ग्रामीणों को पीने के पानी के लिए परेशानी हो रही है। टंकी से सप्लाई होने वाले क्षेत्र में वार्ड संख्या चार, पुराना बाजार इलाका, मुख्य बाजार इलाका सहित कई इलाकों में पेयजल सप्लाई नहीं के बराबर हो रही है। इस समस्या के समाधान के लिए जलदाय विभाग की ओर से नई पाइप लाइन डालकर टंकी में पानी सप्लाई के लिए ट्यूब वैल से जोडऩे की प्रक्रिया भी तक अधूरी पड़ी है। जिससे लोगो को पीने के पानी के लिए परेशानी हो रही है। इधर टंकी से पानी सपलाई होने वाले इलाकों में पानी सप्लाई पर्याप्त मात्रा में नहीं होने से लोगों को पीने के पानी के लिए इधर उधर भटकना पड़ रहा है।


सूख गए कुएं, लोगों की चिन्ता बढ़ी
गुढ़ागौडज़ी. काटली नदी क्षेत्र से लगते गुड़ा, पौंख, नेवरी, किशोरपुरा, कांकरिया, दीपपुरा, ककराना, चंवरा गांवों में गर्मीयां शुरू होते ही पानी के लिए त्राही-त्राही मचनी शुरू हो गई है। पहाड़ी क्षेत्र में भूमिगत जलस्तर गिरने से यहां के प्राय: सभी कुए सूख चुके हैं। पानी की कमी से खेती करना बन्द सा हो गया है। गर्मियां शुरू होते ही पेयजल के लिए त्राही-त्राही मचनी शुरू हो गई है। ककराना के नागरमल, नेवरी के तेजपाल सैनी, किशोरपुरा के बलजी ने बताया कि ढ़हर में पानी की किल्लत के चलते पीने के पानी का जोगाड़ करना मुश्किल हो रहा है। महिलाओं को दूर-दूर से पानी लाना पड़ता है। ज्यादातर हैण्डपम्प व कुए सुख चुके है।

Vinod Chauhan
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