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सर्दी का असर बढ़ने लगा है, पाला पड़े तो यह उपाय कर सकते हैं किसान

locationझुंझुनूPublished: Dec 09, 2023 02:57:29 pm

Submitted by:

santosh Trivedi

लगातार सर्दी का असर बढ़ रहा है। सर्दी से जहां आमजन की दिनचर्या प्रभावित होती है। वहीं, शीतलहर व पाळे से खेतों में फल, सब्जियों की फसल में भारी नुकसान होता है।

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पचलंगी। झुंझुनूं जिले में लगातार सर्दी का असर बढ़ रहा है। सर्दी से जहां आमजन की दिनचर्या प्रभावित होती है। वहीं, शीतलहर व पाळे से खेतों में फल, सब्जियों की फसल में भारी नुकसान होता है। उद्यानिकी की फसलों सर्दी से नुकसान अधिक होता है। यह है पाले व सर्दी के प्रभाव उद्यान विभाग के सहायक निदेशक शीशराम जाखड़ ने बताया कि फसलों में सर्दी व पाळे का असर होने पर पौधे के बाहर व अन्दर की कौशिकाओं में बर्फ जम जाती है। इससे पौधा सूख जाता है या नष्ट हो जाता है। फलदार वृक्षों में सबसे ज्यादा प्रभाव पपीता, सब्जियों में टमाटर, बैंगन, मीर्च व मटर पर अधिक रहता है। वहीं खाद्य्यान फसलों में जौ, चना, सरसों व जीरे पर पड़ता है।


जिस रात पाळा पड़ने की संभावना हो उस रात किसानों को खेत के उत्तरी-पश्चिमी दिशा में मेड़ों पर कुड़ा कचरा जला कर धुंआ करना चाहिए। इस विधि से लगभग 4 डिग्री सेल्सियस तापमान आसानी से बढ़ाया जा सकता है। कृषि पर्यवेक्षक पूरण प्रकाश यादव ने बताया कि सब्जियों को पाळे से बचाने के लिए लो-टनल का प्रयोग करें। फल वृक्षों के लिए का कांस की वायुरोधि टाटियों का प्रयोग करना चाहिए।


जिन दिनों में पाला पडऩे की संभवाना हो गंधक के तेजाब का 0.1 प्रतिशत का फसलों पर छिड़काव करें। कृषि प्रवेक्षक यादव ने बताया कि लंबे समय तक पाळे बचाने के लिए खेत में उत्तरी-पश्चिमी दिशा की मेड पर तथा बीच-बीच में खेजड़ी, बबूल, शीशम व जामुन के पेड़ लगाएं।

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