दानदाता और चिकित्सा विभाग इधर देखे तो सुधर जाए सुनील का जीवन

एक साल तक परेशान रहने के बाद उसके अपनों ने ही करीब तीन साल पहले उसे जंजीरों में जकड़ दिया। इसके बाद एक छोटे से कमरे में उसे बंद कर बाहर से ताला लगा दिया। वह अब छोटे से कमरे में कैद होकर रह गया है।

By: Rajesh

Published: 28 Oct 2020, 11:16 PM IST


बुहाना. यह 26 वर्ष का सुनील है। आठवीं तक पढ़ा हुआ। शादी भी हो रखी है। करीब चार साल पहले तक वह सही था। अचानक उसका मानसिक संतुलन खराब होने लगा। वह इधर-उधर भागने लगा। हर किसी को मारने लगा। बताते हैं उसका उपचार भी करवाया गया। लेकिन उपचार सही नहीं मिलने के कारण वह स्वस्थ नहीं हो सका। एक साल तक परेशान रहने के बाद उसके अपनों ने ही करीब तीन साल पहले उसे जंजीरों में जकड़ दिया। इसके बाद एक छोटे से कमरे में उसे बंद कर बाहर से ताला लगा दिया। वह अब छोटे से कमरे में कैद होकर रह गया है।

छोड़ गई पत्नी


मोहल्ले के लोगों ने बताया सुनील की पत्नी भी तीन साल से उसकी सुध नहीं ले रही। मां खुद बीमार है। वह लाचार है। पैसे नहीं होने के कारण वह बेटे का उपचार नहीं करवा पा रही। इन हालातों में 26 साल का बीमार सुनील प्रशासन, दानदाता व चिकित्सा विभाग की सहायता का इंतजार कर रहा है। कोई फरिश्ता बनकर उसके पास जाए और उसे जंजीरों से मुक्त करवाकर उसका सही उपचार करवाए। राजस्थान के झुंझुनूं जिले के बुहाना कस्बे के वार्ड संख्या तीन के नोहरावाला मौहल्ला के रहने वाला यह युवक पिछले तीन वर्ष से कष्टप्रद जीवन जी रहा है।

थाने में दिया ज्ञापन

मौहल्ले के लोगों ने पुलिस थाना में एक लिखित ज्ञापन दिया। ज्ञापन में युवक का उपचार करवाने, उसकी मां की देखभाल का इंतजाम करवाने की मांग की है। ज्ञापन देने वालों में बिजेन्द्र सिंह, रमेश सिंह, जयपाल सिंह, जयबीर सिंह, सत्यपाल व अन्य शामिल थे।


सरकार चाहे तो मिल जाए उपचार
जानकारों का कहना है कि यदि सरकार चाहे तो उसे जंजीरों से मुक्त करवाकर उसका उपचार करवा सकती है। ग्रामीणों ने चिकित्सा विभाग के एक्सपर्ट की एक टीम गांव भेजकर उसका सरकारी सहायता से उपचार करवाने की मांग की है।

Rajesh Desk/Reporting
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