बीडीके अस्पताल में शुरू होगा हेपेटाइटिस का इलाज

बीडीके अस्पताल के एआरटी सेंटर में हेपेटाइटिस ट्रीटमेंट सेंटर शुरू होगा। इसके लिए पीएमओ डा. वीडी बाजिया के अलावा वरिष्ठ फिजिशियन डा. रजनेश माथुर को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। वहीं, एक लैब टेक्निशियन, एक फार्माशिष्ट और एक डाटा एंट्री ऑपरेटर को शामिल किया गया है। नोडल आफिसर डा. रजनेश माथुर की देखरेख में रोगी का इलाज शुरू होगा।

By: Jitendra

Published: 04 Oct 2021, 04:55 PM IST

झुंझुनूं. हेपेटाइटिस बीमारी से पीडि़त रोगियों के इलाज की राह आसान होने वाली है। उन्हें महंगी दवाओं और जांच के साथ-साथ इलाज के लिए बड़े शहरों के चक्कर भी नहीं लगाने पड़ेगे। सबसे बड़े राजकीय भगवानदास खेतान अस्पताल (बीडीके) में ट्रीटमेंट सेंटर शुरू होगा। इस सेंटर पर हेपेटाइटिस एबीसीडीइ के रोगियों की काउंसलिंग से लेकर 12 हफ्ते तक चलने वाले इलाज के लिए महंगी दवा और वायरल लोड समेत अन्य महंगी जांच सभी निशुल्क होगी।
बीडीके अस्पताल के एआरटी सेंटर में हेपेटाइटिस ट्रीटमेंट सेंटर शुरू होगा। इसके लिए पीएमओ डा. वीडी बाजिया के अलावा वरिष्ठ फिजिशियन डा. रजनेश माथुर को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। वहीं, एक लैब टेक्निशियन, एक फार्माशिष्ट और एक डाटा एंट्री ऑपरेटर को शामिल किया गया है। नोडल आफिसर डा. रजनेश माथुर की देखरेख में रोगी का इलाज शुरू होगा। लैब टेक्निशियन रोगी के सैंपल लेकर जयपुर एसएमएस में जाएगा। जहां से सैंपल की जांच होने के बाद इनके पास ऑनलाइन रिपोर्ट आ जाएगी। डाटा एंट्री ऑपरेटर रोगियों से संबधित डेटा को ऑनलाइन करने का कार्य करेगा।


12 हफ्ते चलेगा इलाज
चिकित्सकों के अनुसार हेपेटाइटिस बी,सी और ई के इलाज के लिए होने वाले वायरल लोड की एक बार जांच कराने पर दस हजार रुपए के करीब लगते हैं। वहीं, महीने भर की दवा पर 30 हजार रुपए खर्चा आता है। यहां पर शुरू होने वाले सेंटर पर अब एक रुपया भी नहीं लगेगा। इसके लिए रोगी का इलाज 12 हफ्ते तक चलेगा। लाइलाज इस बीमारी का अब इलाज कराने से 95 से लेकर 98 प्रतिशत तक बीमारी से सुरक्षा है।

एक्सपर्ट व्यू ; असंतुलित खान-पान से बचें
हेपेटाइटिस लीवर से जुड़ी बीमारी होती है और इसकी पांच केटेगरी एबीसीडीइ होती हैं। ए और ई असंतुलित खान-पान से होती है। जबकि बी और सी ब्लड ट्रांसफ्यूजन जैसे पहले से पीडि़त के लगे इंजेक्शन से दूसरे को इंजेक्शन लगा देना, खून का आदान-प्रदान, असुरक्षित यौन संबंध बनाने से होती है। हेपेटाइटिस बी और सी में ब्लड इंफेक्शन के कारण सिरोसिस ऑफ लीवर और लीवर ऑफ कैंसर होता है और ं इससे मौत भी हो जाती है। ऐसे में हेपेटाइटिस के बचाव के लिए संतुलित खान-पान, रहन-सहन, इंजेक्शन वगैरह लगवाने से पहले सावधानी रखनी होगी।
डा. रजनेश माथुर, सीनियर फिजिशियन एंव नोडल आफिसर

एक और कड़ी जुड़
बीडीके अस्पताल में हेपेटाइटिस ट्रीटमेंट सेंटर शुरू किया जा रहा है। जिसमें हेपेटाइटिस से जुड़े रोगियों का इलाज निशुल्क होगा। महंगी दवाई और जांच से रोगियों को निजात मिलने के साथ-साथ शत-प्रतिशत बीमारी से सुरक्षा भी मिलेगी। रोगियों का सर्वे किया गया है, अब तक 20 मिल चुके हैं। जिले में इसके 20 रोगी चिह्नित किए जा चुके हैं। इनमें 15 हेपेटाइटिस बी और दो मरीज हेपेटाइटिस सी के निकले हैं। तीन मरीज हपेटाइटिस की अन्य केटेगरी से जुडे हैं। अस्पताल में चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार में यह एक और अहम कड़ी जुड़ गई है।

डा. वीडी बाजिया, वरिष्ठ शिशू रोग विशेषज्ञ व पीएमओ बीडीके अस्पताल (झुंझुनूं)

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