झुंझुनूं का लाडला कुपवाड़ा में शहीद, अंतिम विदाई में गूंज उठे भारत माता के जयकारे

जम्मू कश्मीर के कुपवाड़ा ( Kupwara ) में आतंकियों से मुठभेड़ में शहीद ( Jhunjhunu Jawan Martyr ) हुए छावसरी के लाडले छत्रपाल सिंह ( Chhatrapal Singh ) की अंत्येष्टि सोमवार शाम राजकीय सम्मान से पैतृक गांव में की गई...

By: dinesh

Updated: 07 Apr 2020, 09:16 AM IST

झुंझुनूं/गुढ़ागोड़जी। जम्मू कश्मीर के कुपवाड़ा ( Kupwara ) में आतंकियों से मुठभेड़ में शहीद ( Jhunjhunu Jawan Martyr ) हुए छावसरी के लाडले छत्रपाल सिंह ( Chhatrapal Singh ) की अंत्येष्टि सोमवार शाम राजकीय सम्मान से पैतृक गांव में की गई। संक्रमण के बावजूद अपने लाड़ले को अंतिम विदाई देने सैकड़ों लोग उमड़ पड़े। जैसे ही पार्थिव देह गांव पहुंची तो भारत माता के जयकारों से पूरा गांव गूंज उठा और माहौल गमहीन हो गय।

शहीद के भाई सूर्य प्रकाश ने मुखाग्नि दी तो लोगों की आंखें छलक पड़ी। पुलिस जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया। इससे पहले विशेष हेलीकॉप्टर से देह झुंझुनू हवाई पट्टी पर लाई गई। यहां कलेक्टर, एसपी, उपखंड अधिकारी, जिला सैनिक कल्याण अधिकारी आदि ने पुष्पचक्र अर्पित किए। हालांकि जिले के बड़े जनप्रतिनिधि अंत्येष्टि में नहीं पहुंच पाए।

शहीद छत्रपाल उत्तरी कश्मीर के केरन सेक्टर में एलओसी पर 5 घुसपैठियों को मार गिराने वाली पेराट्रूपर टीम में थे। इस टीम को जब एलओसी पर 10 हजार फीट ऊंची पहाड़ियों पर बर्फबारी के दौरान आतंकवादियों की घुसपैठ की जानकारी मिली। तब 4 पैराट्रूपर एसएफ को हेलिकॉप्टर से मौके पर उतारा गया। इसमें टीम ने पांच आतंकवादियों को मार दिया, लेकिन भारत के भी पांच सपूत वीरगति को प्राप्त हुए। इसमें झुंझुनू के छत्रपाल भी शहीद हो गए।

सैनिक कल्याण अधिकारी कमांडर परवेज अहमद हुसैन ने बताया कि 23 वर्षीय छत्रपाल सिंह 29 दिन की छुट्टी के बाद 9 मार्च को ही ड्यूटी पर लौटे थे। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी एक ट्वीट कर अपनी संवेदना प्रकट की है।

5 साल साल पहले ही सेना में भर्ती
12 अगस्त 1997 में जन्मे छत्रपाल 2015 में सेना में शामिल हुए थे। छत्रपाल के परिवार में माता शशिकला देवी, पिता सुरेश कुमार पाल और एक भाई सूर्य प्रताप सिंह (26) है। छत्रपाल अविवाहित थे।

शहीद छत्रपाल को सैनिक कल्याण मंत्री ने दी श्रद्धांजलि
छत्रपाल सिंह की शहादत पर सैनिक कल्याण मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने श्रद्धांजलि दी। मंत्री खाचरियावास ने कहा कि प्रदेश के सपूत का बलिदान कभी भुलाया नहीं जा सकेगा। खाचरियावास ने शहीद के पिता सुरेश कुमार पाल एवं माता शशिकला देवी को संबोधित करते हुए कहा कि पूरा देश उनके शहीद बेटे का ऋणी रहेगा।

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