इस खबर में जानें सौलर प्लांट के लिए क्या-क्या जरूरी, कितना मिलेगा अनुदान

- किसान की ओर से कृषि व उद्यानिकी फसलों में सिंचाईके लिए ड्रिप/ स्प्रिंकलर/माइक्रो स्प्रिंकलर आवश्यक काम में लिया जाए।

By: Rajesh

Updated: 03 Jan 2020, 08:56 PM IST


झुंझुनूं. बिजली की कमी और किसानों की फसलों को ध्यान में रखते हुए अब सौर ऊर्जा से खेती की जाएगी। इसके लिए कृषि विभाग ने तैयारियां शुरू कर दी है। किसान सूर्य की ऊर्जा से बिजली बनाकर खेतों में सिंचाई करेंगे ताकि उन्हें किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। इस पर साठ फीसदी अनुदान दिया जाएगा। जिले में अनेक सौर ऊर्जा संयंत्र लगाए जाएंगे। जानकारी के मुताबिक वर्ष 2019-20 में नवीन व नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय भारत सरकार की ओर से प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान अभियान (पीएम कुसुम योजना) के तहत जिले के किसानों को हाइटेक खेती/उद्यानिकी के लिए 7.5 एचपी क्षमता तक के पंप उपलब्ध कराने के लिए ये योजना शुरू की गई है। प्रदेश में इस योजना के तहत कुल 27 हजार 96 4 किसानों ने योजना के तहत आवेदन किया है।

ये है उद्देश्य
जिन किसानों के पास विद्युत कनेक्शन नहीं है। सिंचाई के लिए डीजल पम्प सेट अथवा अन्य वैकल्पिक साधन पर निर्भर हैं। ऐसे किसानों को सौर ऊर्जा संयंत्र किसानों को अनुदान पर उपलब्ध कराए जाएंगे। इसमें भारत सरकार की ओर से किसानों को स्टैण्ड अलोन सौर ऊर्जा पम्प संयंत्र स्थापना पर सांकेतिक इकाई लागत का 30 प्रतिशत अंशदान अनुदान, राज्य सरकार 30 प्रतिशत और 40 प्रतिशत किसान को वहन करना है।

किसानों के लिए ये होगी पात्रता
- किसान की ओर से कृषि व उद्यानिकी फसलों में सिंचाईके लिए ड्रिप/ स्प्रिंकलर/माइक्रो स्प्रिंकलर आवश्यक काम में लिया जाए।
- उच्च उद्यानिकी तकनीक यथा ग्रीन हाउस/ शेडनेट हाउस/लो टनल्स लेने वाले किसान पात्र होंगे।
- डार्क जोन या ब्लैक जोन क्षेत्र में पूर्व से स्थापित डीजल पम्प सैट से सिंचाई करने वाले किसान पात्र होंगे।
- योजना में लघु व सीमांत किसानों को प्राथमिकता दी जाएगी।
- किसान के पास तीन एचपी सौर ऊर्जा पम्प संयंत्र के लिए न्यूनतम 0.4 हैक्टेयर का भूस्वामित्व होना जरूरी है।

पीएम कुसुम योजना के तहत प्रदेश के किसानों से आवेदन मांगे गए हैं। प्रदेश में कुल 27 हजार 96 4 से अधिक किसानों को सौर ऊर्जा पम्प संयंत्र अनुदान पर उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके लिए कृषि विभाग स्तर पर प्रक्रिया जारी है। फार्मों की जांच की जा रही है। इसके बाद पात्र किसानों को इस योजना से लाभान्वित किया जाएगा ताकि वे बिजली के अभाव में भी अपनी खेती आसानी से कर सके और कोई परेशानी ना हो। इस पर काम जारी है।
धर्मवीर डूडी, सहायक निदेशक उद्यान झुंझुनूं

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned