हरियाणा में नंबर दो साबित करने के लिए कांग्रेस ने रणदीप सुरजेवाला को जींद उपचुनाव में उतारा

सुरजेवाला के आने से जींद उपचुनाव बहुकोणीय से सीधे मुकाबले में बदल गया है। अब मुकाबला कांग्रेस और भाजपा की ओर बढता दिखाई दे रहा है...

By: Prateek

Published: 10 Jan 2019, 06:43 PM IST

(जिंद): लोकसभा और विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के सामने पहली चुनौती तो स्वयं कों नम्बर दो साबित करने की है। पिछले वर्ष 2014 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस सत्ता से बाहर होने के साथ तीसरे नम्बर पर खिसक गई थी। मुख्य विपक्षी दल का दर्जा इंडियन नेशनल लोकदल ने बरकरार रखा था। अब कांग्रेस जींद विधानसभा उपचुनाव में स्वयं को नम्बर दो पर लाना चाहती है। इसलिए पार्टी ने कैथल के मौजूदा विधायक और कांग्रेस के अखिल भारतीय मीडिया प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला को प्रत्याशी बनाया है। सुरजेवाला के आने से जींद उपचुनाव बहुकोणीय से सीधे मुकाबले में बदल गया है। अब मुकाबला कांग्रेस और भाजपा की ओर बढता दिखाई दे रहा है।


जींद विधानसभा क्षेत्र के शहरी हिस्से में सामान्य वर्ग के मतदाता हैं और ग्रामीण इलाके में जाट मतदाताओं का बाहुल्य है। उपचुनाव में तीन प्रमुख जाट प्रत्याशी मैदान में हैं। इनमें कांग्रेस से रणदीप सुरजेवाला के अलावा जननायक जनता पार्टी से दिग्विजय सिंह चौटाला और इंडियन नेशनल लोकदल से उम्मेद रेढू प्रत्याशी हैं। जाट मतदाता इन तीनों प्रत्याशियों के बीच बंटने जा रहा है। लेकिन रणदीप सुरजेवाला के बडा जाट चेहरा होने के साथ-साथ सामान्य वर्ग में भी पैठ बनाए रखने के कारण वजन अन्य दो जाट प्रत्याशियों के मुकाबले अधिक है। ऐसे में सुरजेवाला पहली नजर में ही जननायक जनता पार्टी और इंडियन नेशनल लोकदल के जाट प्रत्याशियों से बढ़त लेते हुए दिखाई दे रहे हैं। दोनों जाट प्रत्याशियों के मुकाबले सुरजेवाला ने हरियाणा में कई रैलियों का आयोजन कर स्वयं को मुख्यमंत्री पद के प्रत्याशी के रूप में स्थापित करने का प्रयास भी किया है। इस तरह सुरजेवाला दोनों जाट प्रत्याशियों को पीछे छोड़ रहे हैं।


उधर भाजपा प्रत्याशी कृष्ण मिढा जींद से इंडियन नेशनल लोकदल के पूर्व विधायक हरिचंद मिढा के पुत्र है। हरिचंद मिढा के निधन से ही यह उपचुनाव कराया जा रहा है। पिता के निधन के बाद कृष्ण मिढा भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए थे और भाजपा ने उन्हें उपचुनाव में प्रत्याशी बना दिया। कृष्ण मिढा पंजाबी समुदाय से हैं। उनके पिता लगातार दो चुनाव सामान्य वर्ग के समर्थन के साथ अपनी पार्टी इंडियन नेशनल लोकदल के जरिए जाट वोट हासिल कर जीते थे। अब कृष्ण मिढा को अपने पिता के निधन से उपजी सहानुभूति के साथ-साथ पिता को मिलता रहा सामान्य वर्ग का वोट मिलेगा। इसके अलावा भाजपा के जाट नेता उन्हें जाट समुदाय के वोट दिलाने में मददगार होंगे। इस तरह मुकाबला सीधे तौर पर कांग्रेस और भाजपा के बीच बढता दिखाई दे रहा है।


आगामी 28 जनवरी को जींद सीट के लिए मतदान कराया जाना है। गुरूवार को नामांकन दाखिले के अंतिम दिन सभी प्रमुख दलों के प्रत्याशियों ने अपने नामांकन दाखिल कर दिए। रणदीप सुरजेवाला का नामांकन दाखिल कराने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अशोक तंवर,पूर्व मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा और कांग्रेस विधायक दल की नेता किरण चौधरी पहुंचीं। उधर भाजपा प्रत्याशी कृष्ण मिढा का नामांकन दाखिल कराने प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सुभाष बराला और शिक्षा मंत्री रामविलास शर्मा पहुंचे। दिग्विजय चौटाला का नामांकन दाखिल कराने हिसार के सांसद दुष्यंत चौटाला पहुंचे। इंडियन नेशनल लोकदल प्रत्याशी उम्मेद रेढू को नामांकन दाखिल करवाने नेता प्रतिपक्ष अभय सिंह चौटाला पहुंचे।

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