हरियाणा सरकार ने जाटों को दिया बातचीत का न्यौता

जाटों द्वारा हरियाणा में फिर से आंदोलन शुरू किए जाने की चेतावनी से सरकार बैकफुट पर आ गई है।

By: शंकर शर्मा

Published: 10 Feb 2018, 09:38 PM IST

चंडीगढ़। जाटों द्वारा हरियाणा में फिर से आंदोलन शुरू किए जाने की चेतावनी से सरकार बैकफुट पर आ गई है। हरियाणा सरकार ने जाट आरक्षण संघर्ष समीति के नेताओं को बातचीत का न्यौता देते हुए संघर्ष की राह त्यागने की अपील की है। इस पूरे मामले में राज्य मंत्री कृष्ण बेदी मध्यस्थता कर रहे हैं।


हरियाणा सरकार ने जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान हुई हिंसा में मारे गए 31 युवकों के आश्रितों को नौकरी देने के लिए राज्य मंंत्री कृष्ण बेदी की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया था। यह कमेटी समय-समय पर बैठकों का आयोजन करके मृतकों के आश्रितों को नौकरियां प्रदान कर चुकी है। अब ताजा हालातों के बाद राज्य मंत्री कृष्ण बेदी एक बार फिर से जाटों और सरकार के बीच मध्यस्थता कर रहे हैं।


कृष्ण बेदी ने मीडिया से बातचीत में दावा किया कि प्रदेश सरकार द्वारा जाट आरक्षण संघर्ष समीति के वरिष्ठ नेताओं के साथ लगातार बातचीत की जा रही है। रविवार को हरियाणा के मुख्यमंत्री और जाट नेताओं के बीच दिल्ली में बैठक होने की संभावना है। बेदी ने दावा किया कि शाह के दौरे से पहले-पहले पूरे विवाद को सुलझा लिया जाएगा।


वहीं जाट नेता यशपाल मलिक का कहना है कि उन्हें अभी कोई न्यौता नहीं मिला है। हां, यदि कोई न्यौता मिलता है तो वे बातचीत करने को तैयार हैं। यशपाल मलिक ने दावा किया आज दूसरे दिन भी हरियाणा के विभिन्न जिलों में जाट समुदाय के लोगों द्वारा रैली में शामिल होने के लिए ट्रैक्टर ट्रालियों का पंजीकरण किया गया है।

पैरामिल्ट्री के हवाले होगा हरियाणा
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के हरियाणा दौरे से पहले जाटों द्वारा दी गई आंदोलन की धमकी के मद्देनजर केंद्र ने हरियाणा को पैरा मिल्ट्री की 60 कंपनियां अलाट कर दी हैं। यह कंपनियां रविवार शाम से मोर्चा संभाल लेंगी।


हरियाणा के गृहसचिव एस.एस. प्रसाद, पुलिस महानिदेशक बीएस संधू तथा अन्य आला अधिकारियों ने आज प्रदेश के कई जिलों का दौरा करके अधिकारियों के साथ कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर बैठक की। पुलिस अपने सीआईडी विंग के माध्यम से यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि भाईचारा एकता रैली के माध्यम से जाट समुदाय के लोग किस जिले से कितनी संख्या में जींद पहुंचेंगे, किस माध्यम से और किन-किन रास्तों से यहां पहुंचेगे।

शंकर शर्मा
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