हरियाणा में बेरोजगारी में जींद नम्बर वन

हरियाणा में बेरोजगारी में जींद नम्बर वन

Shankar Sharma | Publish: Jan, 13 2018 09:47:01 PM (IST) Jind, Haryana, India

लाना से विधायक परमेन्द्र सिंह ढुल ने प्रदेश सरकार पर जीन्द जिले में बेरोज़गारी बढ़ाने के गम्भीर आरोप लगाते हुए पिछले 13 वर्षों से निरन्तर बढ़ रही

जींद। जुलाना से विधायक परमेन्द्र सिंह ढुल ने प्रदेश सरकार पर जीन्द जिले में बेरोज़गारी बढ़ाने के गम्भीर आरोप लगाते हुए पिछले 13 वर्षों से निरन्तर बढ़ रही बेरोज़गारी की समस्या को लेकर आड़े हाथों लिया। प्रदेश विधानसभा सचिवालय के माध्यम से ऐकत्रित किये आंकड़ों का हवाला देते हुए उन्होंने बताया की रोजगार कार्यालय में दर्ज़ आंकड़ों के मुताबिक जहां प्रदेशभर में 496625 बेरोज़गार युवा हैं वहीं यह संख्या जीन्द जिले में 31817 पंजीबद्ध बेरोज़गार युवाओं की है जो की पूरे प्रदेशभर में सभी जिलों में से सबसे अधिक है। इस विषय पर पार्टी कार्यालय में बुलाई पत्रकार वार्ता को सम्बोधित करते हुए उन्होंने प्रदेश सरकार से पिछले एक दशक में सरकार द्वारा जिले में दी गयी नौकरियों को लेकर शवेत पत्र जारी करने की मांग की।


इस विषय पर और अधिक जानकारी देते हुए विधायक ढुल ने कहा की हालाँकि जिले में वास्तविक बेरोज़गारों की संख्या इससे भी कहीं ज्यादा है क्योंकि अधिकांश युवा रोजगार कार्यालय में अपना नाम दर्ज़ नहीं करवा पाते हैं। उनके मुताबिक जिलेभर में कम से कम चार लाख बेरोज़गार युवा हैं।

उन्होंने सरकार के प्रत्येक बेरोज़गार युवा को बेरोज़गारी भत्ता देने के दावे की पोल खोलते हुए बताया की जिले में पंजीबद्ध 31817 बेरोज़गार युवाओं में से केवलमात्र 3619 को ही बेरोज़गार भत्ता मिल पा रहा है। वहीं सरकार की सक्षम युवा योजना भी जिले में पूर्णतया फ्लॉप साबित हो रही है।

उन्होंने कहा की हैरानी का विषय है की चार लाख से ज्यादा बेरोज़गारी वाले जिले में से केवलमात्र 1374 स्नातकोत्तर तथा 671 स्नातकों को सक्षम युवा योजना का लाभ मिल पा रहा है। इससे साबित होता है की सरकार के मंत्रियों तक पहुँच न रख पाने वाले क्षेत्र के अधिकांश युवा न सिर्फ बेरोज़गार हैं बल्कि उन्हें बेरोज़गारी भत्ता व सक्षम युवा योजना दोनों से ही वंचित रखा जा रहा है।


विधायक ढुल ने कहा की जबसे भाजपा प्रदेश में सत्ता में आई है, युवाओं पर कहर बनकर बरस रही है। इससे पहले कांग्रेस शासन के दौरान लगातार दस वर्ष तक जिले में युवाओं का शोषण किया गया था। उन्होंने कहा की ठीक कांग्रेस की राह पर चलते हुए वर्तमान प्रदेश सरकार अपने पिछले तीन वर्ष के शासन में अभीतक जिले में केवलमात्र 887 युवाओं को नौकरी दे पायी है।

यह भी तब है जब इस आंकड़े में भी सभी प्रकार की सरकारी तथा गैर सरकारी नौकरियाँ तक शामिल हैं। जिस जिले में चार लाख से ज्यादा युवा बेरोज़गार हों वहां किसी भी सरकार व व्यवस्था के लिए यह आंकड़ा शर्मिन्दगी भरा होना चाहिए। प्रदेश सरकार ने न सिर्फ युवाओं को निराश किया है बल्कि जमकर उनका शोषण भी किया है। उन्होंने कहा की वर्ष 2004 तक जिले में नौकरीयां बनाम बेरोज़गार का आंकड़ा 1:5 था जो की दस वर्ष के कांग्रेस शासन में बढ़कर 1:100 का हो गया था। विधानसभा सचिवालय द्वारा प्रस्तुत इस जवाब के मुताबिक अब भाजपा सरकार में यह आंकड़ा 1:200 का है। इससे साबित होता है की पिछले तेरह वर्षों में जिले में बरोजगारी अपने चरम पर है। उन्होंने प्रदेश सरकार से पिछले एक दशक में प्रदेशभर में दी गयी नौकरियों को लेकर शवेत पत्र जारी करने की मांग भी की।


उन्होंने कहा की इस रिपोर्ट से यह भी पुख्ता हो जाता है की जिले के साथ पिछले 13 वर्ष पहले शुरू किया गया सौतेला व्यवहार आज भी जारी है। जिला जीन्द के वासियों के साथ न सिर्फ विकास की दृष्टि से बल्कि नौकरियों में भी भेदभाव किया जा रहा है। पहले कैग की रिपोर्ट में जिले के साथ सरकारी भेदभाव रखे जाने का खुलासा हुआ था और अब विधानसभा सचिवालय की इस रिपोर्ट से एक बार फिर से साबित हो जाता है की जिले की जनता के साथ सरकारी भेदभाव आज भी जारी है।

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