बिजली निगम ने काटा तहसील का बिजली का कनेक्शन,कामकाज ठप्प

बिल नहीं भरने के कारण बिजली निगम ने जुलाना तहसील का बिजली का कनेक्शन काट दिया

By: शंकर शर्मा

Published: 04 Jan 2018, 11:35 PM IST

जींद। बिल नहीं भरने के कारण बिजली निगम ने जुलाना तहसील का बिजली का कनेक्शन काट दिया। कनेक्शन कटने के कारण तहसील का कामकाज ठप्प हो गया और लोगों को खाली हाथ ही घर लौटना पड़ा। तहसील कार्यालय का करीब 15 माह पहले अपना बिजली का बिल भरा गया था। अब बिजली का बिल दो लाख 48 हजार पांच सौं 69 रुपये हो गया है। बिजली निगम ने कुछ माह पहले बिजली का बिल भरने के लिए तहसील में व डीसी का पत्र पर लिखा था मगर जवाब निगम को नहीं मिला। बुधवार को बिजली निगम की टीम तहसील में पहुंची और अस्थाई तौर पर बिजली का कनेक्शन काट दिया।


जब सरकारी महकमे के बिजली के बिल समय पर अदा नहीं किए जाते तो आम लोगों से कैसे बिजली के बिल भरने की उम्मीद की जा सकती है। जुलाना तहसील कार्यालय का बिजली का बिल 28 अक्तूबर 2016 को भरा गया था। करीब 15 माह से तहसील का बिजली का बिल नहीं भरा गया है। अब बिल की रकम अढ़ाई लाख के करीब हो गई है। बिजली निगम एक्सईन ने कुछ माह पहले तहसीलदार एवं डीसी को बकाया बिजली का बिल भरने के लिए लैटर भी लिखा था।

लैटर का जवाब ना तो तहसीलदार कार्यालय से आया और ना ही डीसी कार्यालय से। एक वर्ष से भी ज्यादा समय जक बिजली का बिल नहीं भरने तथा जवाब नहीं बिलने के कारण बिजली निगम ने बुधवार को तहसील कार्यालय का बिजली का कनेक्शन अस्थाई तौर पर काट दिया। कनेक्शन बिजली का बिल भरने के बाद ही जोडा़ जाएगा।

कामगाज रहा ठप, बैरंग लौटे लोग, हुई परेशानी
बिजली निगम की टीम द्वारा तहसील कार्यालाय का बिजली का कनेक्शन काटे जाने के बाद कामकाज ठप रहा। लोगों को अनेक परेशानियों से गुजरना पड़ा और बिना काम करवाएं ही वापस घर लौटना पड़ा। तहसील में सभी प्रकार के सर्टिफिकेट, रजिस्ट्री व सभी जरूरी कामगाज होते हैं। दर्जनों लोगों को बुधवार को बिना काम करवाएं ही घर लौटना पड़ा। लोगों के काम नहीं होने के कारण उनमे प्रशासन के प्रति रोष पनप रहा है। देवरड़ गांव के धर्मवीर ने बताया कि वह शपथ पत्र बनवाना था। यहां पर बिजली नहीं थी। उनका काम नहीं हो सका।

काफी देर तक उसने बिजली आने का इंतजार किया मगर बिजली नहीं आई। तहसीलदार से जब उसने बात की तो उन्होंने कहा कि बिजली का बिल भरने का काम डीसी का है। उसमें वह क्या कर सकते हैं। इस बारे में जब नायब तहसीलदार कर्ण से बात की गई तो उन्होंने बताया कि बिजली का बिल डीआईओ को भरना होता है। इसके लिए लैटर भी लिखा जा चुका है। जल्द ही कनेक्शन जोड़ा दिया जाएगा।

यह मेरा काम नहीं है डीसी कार्यालय ने भरना है बिजली का बिल
इस मामले में तहसीलदार शिव कुमार से कहा तो उन्होंने कहा कि बिजली का बिल भरने का काम उनका नहीं है। बिजली का बिल डीसी कार्यालय ने भरना है। इसके बाद जब बिजली निगम के एसडीओ से बात की गई कि लोग परेशान है बिजली का कनेक्शन चालू कर दो। एसडीओ ने कहा कि जब तक बिजली का बिल भरा नहीं जाता कनेक्शन चालू नहीं किया जा सकता।

28 अक्तूबर 2016 को तहसील कार्यालय का बिजली का बिल भरा गया था। इसके बाद करीब 15 माह से तहसील का बिल नहीं भरा गया है। अब बिजली का बिला दो लाख 48 हजार पांच सौ 69 रुपये हो गया है। बुधवार को बिजली निगम की टीम ने अस्थाई तौर पर बिजली का कनेक्शन काट दिया।
-अजय, सीए बिजली सब डिवीजन जुलाना।

तहसील का बिल नहीं भरने के कारण निगम ने तहसील का बिजली का कनेक्शन काट दिया है। तहसीलदार को बिजली का बिल भरने के लिए नोटिस भेजा गया था। नोटिस का जवाब कुछ आया नहीं और ना ही बिजली का बिल भरा गया। इसके बारे में डीसी कार्यालय को भी पत्र लिख गया था। करीब 15 माह से बिजली का बिल नहीं भरने के कारण बिल के लाखों रुपये हो गए हैं।राजीव शर्मा, एसडीओ बिजली निगम जुलाना।

शंकर शर्मा
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