ICMR NIV recruitment - टेक्नीशियन, टेक्निकल असिस्टेंट, साइंटिस्ट के 32 पदाें पर भर्ती, करें आवेदन

ICMR NIV recruitment 2018, ICMR - नेशनल इंस्टीटयूट ऑफ वीरोलॉजी (ICMR NIV), पुणे ने टेक्नीशियन, टेक्निकल असिस्टेंट, साइंटिस्ट

By: युवराज सिंह

Published: 01 May 2018, 03:00 PM IST

ICMR NIV recruitment 2018, ICMR - नेशनल इंस्टीटयूट ऑफ वीरोलॉजी ( ICMR NIV ), पुणे ने टेक्नीशियन, टेक्निकल असिस्टेंट, साइंटिस्ट (डी, सी, बी), टेक्निकल ऑफिसर, एकाउंट्स ऑफिसर एवं एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर के 32 रिक्त पदों पर भर्ती के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। इच्छुक व योग्य उम्मीदवार दिए गये प्रारूप के तहत 21 मई 2018 तक आवेदन कर सकते हैं।आवेदन आैर अन्य जानकारी के लिए नीचे दिए गए अधिसूचना विवरण लिंक पर क्लिक करें।

 

नेशनल इंस्टीटयूट ऑफ वीरोलॉजी (ICMR NIV), पुणे में रिक्त पदाें का विवरणः

 

कुल पद - 32 पद

टेक्नीशियन (इंजीनियरिंग)- 12 पद

टेक्नीशियन (टेक्निकल)- 6 पद

साइंटिस्ट-डी (नॉन-मेडिकल/लाइफ साइंस)- 1 पद

साइंटिस्ट ‘सी’ (नॉन-मेडिकल/लाइफ साइंस)- 1 पद

साइंटिस्ट ‘बी’ (नॉन-मेडिकल/लाइफ साइंस)- 1 पद

टेक्निकल ऑफिसर-सी- 1 पद

टेक्निकल ऑफिसर-बी- 2 पद

एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर- 1 पद

अकाउंट ऑफिसर- 1 पद

टेक्निकल असिस्टेंट- 6 पद

 

नेशनल इंस्टीटयूट ऑफ वीरोलॉजी (ICMR NIV), पुणे में रिक्त पदाें के लिए आवेदन कैसे करें:

योग्य उम्मीदवार 21 मई 2018 तक या इससे पहले ऑफिशियल वेबसाइट niv.co.in/career/reportnewper.php. से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

 

नेशनल इंस्टीटयूट ऑफ वीरोलॉजी (ICMR NIV), पुणे में रिक्त पदाें पर आवेदन के लिए महत्वपूर्ण तिथि:

ऑनलाइन आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि- 21 मई 2018

 

ICMR NIV recruitment notification 2018:

ICMR - नेशनल इंस्टीटयूट ऑफ वीरोलॉजी (ICMR NIV), पुणे ने टेक्नीशियन, टेक्निकल असिस्टेंट, साइंटिस्ट (डी, सी, बी), टेक्निकल ऑफिसर, एकाउंट्स ऑफिसर एवं एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर के 32 रिक्त पदों पर भर्ती के लिए विस्तृत अधिसूचना यहां क्लिक करें।

 

ICMR - नेशनल इंस्टीटयूट ऑफ वीरोलॉजी (ICMR NIV), पुणे का परिचयः

राष्‍ट्रीय विषाणु विज्ञान संस्थान भारत का एक अग्रणी अनुसंधान संस्थान है जोमहाराष्ट्र के पुणे में स्थित है।राकफेलर फाउडेशन तथा भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद के संयुक्त प्रयासों से वर्ष 1952 में विषाणु अनुसंधान केंद्र पुणे में स्थापित हुआ। इसका एकमात्र उददेश्य आर्थोपोड उत्पित विषाणुअों पर सुचारू अनुसंधान करना था। तत्पश्चात वैज्ञानिकों के कुशल अनुसंधान से विषाणु अनुसंधान करने हेतु राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान संस्थान के रूप में पुनर्नामित किया गया। इस संस्थान को विश्व स्वास्थ्य संघठन का सहयोगी केंद्र के नाम से जाना जाता है। जिसके अतंर्गत समस्त अर्बो विषाणु तथा रक्तस्त्रावी ज्वर इत्यादि विषाणु अनुसंधान का प्रावधान है।

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