SC court assistant - सुप्रीम कोर्ट में कोर्ट असिस्टेंट के 15 पदों पर भर्ती, करें आवेदन

Supreme court recruitment 2018 - सुप्रीम कोर्ट ने कोर्ट असिस्टेंट के 15 रिक्त पदों पर भर्ती के लिए आवेदन आमंत्रित

By: युवराज सिंह

Updated: 27 Jan 2018, 03:42 PM IST

Supreme court recruitment 2018 - सुप्रीम कोर्ट ने कोर्ट असिस्टेंट के 15 रिक्त पदों पर भर्ती के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। इच्छुक व योग्य उम्मीदवार 20 फरवरी 2018 तक या उससे पहले निर्धारित प्रारूप के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।


सुप्रीम कोर्ट में रिक्त पदों का विवरण:
कोर्ट असिस्टेंट: 15 पद

Sc court assistant recruitment 2018 के पदों के लिए पात्रता मानदंड व शैक्षिक योग्यता:

मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ इंजीनियरिंग /टेक्नोलॉजी इन कंप्यूटर साइंस/ आईटी/ या समकक्ष या कम्प्यूटर एप्लीकेशन में मास्टर डिग्री/ एमएससी कंप्यूटर साइंस या बीएससी कंप्यूटर साइंस बीसीए।


आयु सीमा - 30 वर्ष से कम


आवेदन कैसे करें:

योग्य उम्मीदवार आवश्यक दस्तावेजों के साथ निर्धारित प्रारूप के माध्यम से पद के लिए आवेदन कर सकते हैं। उम्मीदवार आवेदन को रजिस्ट्रार (एडमिन.I), सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया, तिलक मार्ग, नई दिल्ली -110201 के पते पर 20 फरवरी 2018 तक या उससे पहले भेज सकते हैं।

अधिसूचना विवरण:
अधिसूचना संख्या: एफ 6/2017 / टेक. पोस्ट / एससीए (I)

महत्वपूर्ण तिथि: आवेदन की अंतिम तिथि: 20 फरवरी 2018

Supreme court recruitment 2018 -

सुप्रीम कोर्ट ने कोर्ट असिस्टेंट के 15 रिक्त पदों पर भर्ती के लिए विस्तृत अधिसूचना यहां क्लिक करें।

परिचयः

भारत का उच्चतम न्यायालय या भारत का सर्वोच्च न्यायालय भारत का शीर्ष न्यायिक प्राधिकरण है जिसे भारतीय संविधान के भाग 5 अध्याय 4 के तहत स्थापित किया गया है। भारतीय संघ की अधिकतम और व्यापक न्यायिक अधिकारिता उच्चतम न्यायालय को प्राप्त हैं। भारतीय संविधान के अनुसार उच्चतम न्यायालय की भूमिका संघीय न्यायालय और भारतीय संविधान के संरक्षक की है।
भारतीय संविधान के अनुच्छेद 124 से 147 तक में वर्णित नियम उच्चतम न्यायालय की संरचना और अधिकार क्षेत्रों की नींव हैं। उच्चतम न्यायालय सबसे उच्च अपीलीय अदालत है जो राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के उच्च न्यायालयों के फैसलों के खिलाफ अपील सुनता है। इसके अलावा, राज्यों के बीच के विवादों या मौलिक अधिकारों और मानव अधिकारों के गंभीर उल्लंघन से सम्बन्धित याचिकाओं को आमतौर पर उच्च्तम न्यायालय के समक्ष सीधे रखा जाता है। भारत के उच्चतम न्यायालय का उद्घाटन 28 जनवरी 1950 को हुआ और उसके बाद से इसके द्वारा 24,000 से अधिक निर्णय दिए जा चुके हैं।

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