550 रुपए के ऑक्सीफ्लोमीटर का 4500 रुपए में सौदा

- एसओजी ने फर्जी ग्राहक बनकर की कार्रवाई
- बिचौलिया व सर्जिकल उपकरण बेचने वाले दुकानदार गिरफ्तार, एक-एक ऑक्सीफ्लोमीटर व ऑक्सीजन मास्क जब्त

By: Vikas Choudhary

Published: 17 May 2021, 12:04 AM IST

Jodhpur, Jodhpur, Rajasthan, India

जोधपुर.
एसओजी व शास्त्रीनगर थाना पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में 550 रुपए लागत वाले ऑक्सीफ्लोमीटर को 4500 रुपए में बेचने का प्रयास कर रहे एक व्यक्ति और सर्जिकल उपकरण बेचने वाले दुकानदार को रविवार को गिरफ्तार किया गया। इनसे एक-एक ह्यूमीडिफायर सहित ऑक्सीफ्लोमीटर व ऑक्सीजन मास्क बरामद किया गया।

एसओजी सूत्रों के अनुसार कोरोना संक्रमण में दवाइयों के साथ-साथ सर्जिकल उपकरणों की कालाबाजारी करने वालों की सूचना मिली। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एसओजी) कमलसिंह के निर्देशन में निरीक्षक जब्बरसिंह ने एमडीएम अस्पताल की जनाना विंग में भर्ती कोरोना मरीज का परिजन बनकर किशोरसिंह से मोबाइल पर बात की। एसओजी ने मरीज को छुट्टी मिलने व घर से ऑक्सीजन सिलेण्डर पर लगने वाले ऑक्सीफ्लोमीटर खरीदने की जरूरत जताई। उस व्यक्ति ने सिर्फ एक पीस होना बताया और बेचने के लिए तैयार हो गया। मरीज बने एसओजी अधिकारी ने उसे एमडीएम अस्पताल के गेट संख्या-2 के बाहर बुलाया। बाइक लेकर किशोरसिंह अपराह्न में वहां पहुंचा और ऑक्सीफ्लोमीटर दिखाया।
जिसे बेचने के लिए उसे 45 सौ रुपए मांगे। पूछताछ में उसने यह ऑक्सीमीटर शास्त्रीनगर स्थित एंजल हेल्थ केयर से खरीदने की जानकारी दी। शास्त्रीनगर थानाधिकरी पंकजराज माथुर व उप निरीक्षक ओमकरण भी वहां पहुंच गए। पुलिस व एसओजी एंजल हेल्थ केयर पहुंची और संचालक निखिल उर्फ झंकार जैन को पकड़ लिया। ड्रग निरीक्षक आशीष गज्जा व अनिरूद्ध खत्री को भी जांच के लिए बुलाया गया। पूछताछ के बाद मूलत: पाली जिले में फुलाद हाल इसाइयों का कब्रिस्तान क्षेत्र में कमला नेहरू कॉलोनी निवासी किशोरसिंह (47) पुत्र मूलसिंह रावत व पाल रोड पर कुलदीप विहार निवासी निखिल उर्फ झंवर (31) पुत्र विनोद कुमार जैन को ऑक्सीफ्लोमीटर की कालाबाजारी के आरोप में गिरफ्तार किया गया। ऑक्सीफ्लोमीटर व ह्यूमीडीफायर व ऑक्सीजन मास्क बरामद किया गया।

एमआरपी 2250, बेचा 3 हजार में, 45 सौ में सौदा
पूछताछ में सामने आया कि ऑक्सीफ्लोमीटर की लागत 550 रुपए है। एमआरपी 2250 रुपए है। सर्जिकल आइटम की रिपयेरिंग करने वाले किशोरसिंह ने निखिल से तीन हजार रुपए में खरीदा था। भुगतान बाकी था। उसने कोरोना मरीज के लिए 45 सौ रुपए में बेचने का सौदा किया।

बेचने की अलग-अलग दरें
एसओजी ने दुकान संचालक से ऑक्सीफ्लोमीटर बेचने के बारे में जानकारी ली। तब सामने आया कि उसने 750 रुपए से लेकर 1500 रुपए तक में बेचे हैं। उसका तर्क है कि यह राशि एमआरपी से कम है।

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