जोधपुर. समता आंदोलन समिति के पदाधिकारियों ने राज्य सरकार से सवर्ण समाज को आरक्षण का तत्काल लाभ देने की मांग की है। पदाधिकारियों ने आरोप लगाया है कि आरक्षण के नाम पर उनके साथ धोखा किया गया है।

आरक्षण का लाभ नहीं दिया

समिति के वरिष्ठ सदस्य महेन्द्रसिंह राठौड़ ने मंगलवार को प्रेस वार्ता में कहा कि हाल ही में जारी एलडीसी भर्ती परीक्षा -2018 के परिणाम में सवर्ण समाज में आर्थिक कमजोर वर्ग को दस प्रतिशत आरक्षण का लाभ नहीं दिया गया है। केन्द्र सरकार की ओर से संविधान में संशोधन कर सवर्ण जातियों में आर्थिक कमजोर वर्ग को दस प्रतिशत आरक्षण पूरे भारत में लागू किया गया, लेकिन राज्य सरकार ने आरक्षण अधिसूचना जारी करने के बाद भी एलडीसी भर्ती परीक्षा-2018 के परिणाम में सवर्ण जातियों में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को दस प्रतिशत आरक्षण का लाभ नहीं दिया है। इसी के साथ जारी अधिसूचना में राज्य सरकार ने गुर्जर समाज को पांच प्रतिशत आरक्षण का लाभ इसी भर्ती में दिया गया है, जो असंवैधानिक है।

यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण

समिति के शिवमंगलसिंह राठौड़ ने कहा कि यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि राजस्थान अधीनस्थ व मंत्रालयिक सेवा चयन बोर्ड की ओर से 7 मार्च को घोषित एलडीसी परीक्षा परिणाम में एमबीसी को पांच प्रतिशत आरक्षण अविधिक रूप से दिया गया। जबकि ईडब्ल्यूएस देने वाला दस प्रतिशत संविधान सम्मत आरक्षण पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है। यह जातिगत आधार पर गरीबों के साथ किए जा रहे भेदभाव का शर्मनाक उदाहरण है। इससे पूरे सवर्ण समाज में आक्रोश है। समिति के सहयोगी घटक मारवाड़ राजपूत समाज, ब्राह्मण व कायस्थ समाज ने सभी राजनीतिक पार्टियों से 10 प्रतिशत के बजाय 14 प्रतिशत आरक्षण देने का अपने घोषणा पत्र में उल्लेख करने की मांग की है।

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