AGRICULTURE UNIVERSITY--कृषि विवि के एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग व डेयरी टेक्नोलॉजी संकायों को मिली मान्यता

- कृषि विवि की बहु संकाय विवि के रूप में होगी पहचान
- ये संकाय संचलित करने वाला प्रदेश का दूसरा विवि

By: Amit Dave

Published: 21 Jul 2021, 07:17 PM IST

Jodhpur, Jodhpur, Rajasthan, India

जोधपुर।
अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद नई दिल्ली ने कृषि विष्वविद्यालय जोधपुर के अंतर्गत संचालित कृषि अभियांत्रिकी (इंजीनियरिंग) व डेयरी प्रौद्योगिकी (टेक्नोलॉजी) संकायों को मान्यता दी है। इन संकायों की स्थापना से कृषि विश्वविद्यालय की बहु संकाय विश्वविद्यालय के रूप में पहचान होगी। इस वित्तीय वर्ष में एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग संकाय के लिए 2.80 करोड़ व डेयरी टेक्नोलॉजी संकाय के लिए 2.40 करोड़ रुपयों का बजट घोषित किया गया है। राज्य सरकार ने सरकार ने इन संकायों में शिक्षण व्यवस्था के लिए 33 नए पदों की स्वीकृति दी है। जिसमें एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग के लिए 17 व डेयरी टेक्नोलॉजी संकाय के लिए 16 पद भी स्वीकृत किए है।
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प्रदेश में केवल उदयपुर-जोधपुर में ही यह संकाय
राजस्थान में जोधपुर कृषि विश्वविद्यालय दूसरा विश्वविद्यालय है, जहां यह संकाय होंगे। इससे पहले उदयपुर के महाराणा प्रताप कृषि व प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग व डेयरी टेक्नोलॉजी संकायों में पढ़ाई कराई जा रही है। जोधपुर में ये संकाय खुलने से मारवाड़ व प्रदेश के हजारों विद्यार्थियों को अध्ययन करने का मौका मिलेगा।
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पश्चिमी राजस्थान के विद्यार्थी लाभान्वित होंगे
- एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग में परम्परागत कृषि में तकनीकी अपनाकर उन्नत कृषि का अध्ययन कराया जाएगा। जिसमें फ ार्म इक्विपमेंट, मशीनरी कंस्ट्रक्शन, डिजाइन और फार्मिंग इम्प्रूवमेंट से संबंधित पाठ्यक्रम शामिल होंगे।
- डेयरी टेक्नोलॉजी में छात्रों को मिल्क प्रोडक्शन, डेयरी इक्विपमेंट एंड यूटिलिटीज, मिल्क प्रोसेसिंग एंड पैकेजिंग, डेयरी प्रोडक्ट्स, इंश्योरेंस, डेयरी मैनेजमेंट तथा मार्केटिंग से जुड़े पाठ्यक्रम की पढ़ाई कराई जाएगी।
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कृषि इंजीनियरिंग की पढाई इस सत्र से, 40 को मिलेगा एडमिशन
विश्वविद्यालय में डेयरी टेक्नोलॉजी संकाय का संचालन गत वर्ष से शुरू कर दिया गया, जिसमें प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों को जेट परीक्षा की मेरिट से प्रवेश दिया गया। वहीं इस वर्ष शैक्षणिक सत्र 2021-22 से एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग संकाय शुरू हो जाएगा। जिसमें 40 सीटों पर जेट परीक्षा की मेरिट से विद्यार्थियों को प्रवेश दिया जाएगा। प्रत्येक संकाय में 40-40 सीटों का प्रावधान रखा गया है।
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इन संकायों को मान्यता मिलने से कृषि विवि की बहु संकाय विवि के रूप में पहचान स्थापित हुई है, जो गौरव की बात है।
प्रो बीआर चौधरी, कुलपति
कृषि विश्वविद्यालय, जोधपुर

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