scriptAkhateej festival in Phalodi | परिवार को अक्षुण्ण रखने का महापर्व है अक्षय तृतीया | Patrika News

परिवार को अक्षुण्ण रखने का महापर्व है अक्षय तृतीया

जिसका कहीं से भी क्षय ना हो, उसे अक्षय कहते हैं और इसी अक्षयता को कायम रखने के लिए अक्षय तृतीया का पर्व अभी भी हमारे परिवार और दाम्पत्य जीवन का आधार स्तम्भ बना हुआ है।

जोधपुर

Published: May 02, 2022 10:59:54 am

- परिवार को एकसूत्र में जोड़ने वाली परम्पराएं
- मान्यताओं का हो निर्वहन तो अक्षय रहेगी हमारी विरासत

फलोदी (जोधपुर). जिसका कहीं से भी क्षय ना हो, उसे अक्षय कहते हैं और इसी अक्षयता को कायम रखने के लिए अक्षय तृतीया का पर्व अभी भी हमारे परिवार और दाम्पत्य जीवन का आधार स्तम्भ बना हुआ है। मान्यता है कि अक्षय तृतीया पर होने वाला विवाह सदा अक्षुण रहता है।
परिवार को अक्षुण्ण रखने का महापर्व है अक्षय तृतीया
फलोदी. खीच बनाने की तैयारी करती महिला।
यही कारण है कि वर्तमान में भी सर्वाधिक शादी समारोह अक्षय तृतीया पर ही होते हैं। अक्षय तृतीया पर परिवार के सभी भाइयों की एक साथ एक ही थाली में अक्षय कलेवा करने की परम्परा भी है। जिसके पीछे का लॉजिक परिवार को एक सूत्र में बांधे रखना है।
अभी भी कई परिवार ऐसे हैं, जहां सभी भाई एक साथ एक ही स्थान पर एकत्रित होकर एक साथ अक्षय कलेवा का भोजन करते हैं और पूरे दिन एक साथ व्यतीत कर अपने जीवन के अनुभवों काे साझा करते हैं। शहर के पुष्करणा ब्राह्मण समाज के व्यक्ति अक्षय तृतीया पर अब भी एक साथ एक ही स्थान पर भोजन करते हैं।
चार दिन है अक्षय कलेवा की परम्परा
फलोदी में अक्षय तृतीया का पर्व चार दिन मनाया जाता है। वैसाख मास की अमावस्या से तृतीया तक अक्षय कलेवे का भोजन ही बनता है। अमावस्या को मूंग, चावल, दही का रायता व फली-बडी की सब्जी का पकवान बनता है, वहीं प्रथमा व द्वितीया को मूंग-बाजरी का खीच व तृतीया को मूंग-गेहूं का खीच पकवान के तौर पर बनता है।
इसके साथ दही का रायता, इमली का खट्टा का भोजन बनता है। खीच को दही के रायते व गाय के शुद्ध घी के साथ मिक्स करके भोजन के तौर पर ग्रहण करने की परम्परा रहीं है, लेकिन अब बदले परिदृश्य में कईं परिवारों ने गेहूं की रोटी और सब्जी के साथ मिठाई परोसने की परम्परा भी शुरू की है।
परिवार को एक सूत्र में पिरोती है अक्षय तृतीया

अक्षय तृतीया का पर्व परिवार को एक सूत्र में बांधे रखने का पर्व है। इस दिन पूरा परिवार एक ही स्थल पर अक्षय कलेवा करते हैं और बुजूर्गों के साथ अपने अनुभव, रीति, नीति, व्यापार और आर्थिक हालातों पर चर्चा कर अपने अनुभव साझा करते हैं। जिसका लाभ उन्हें भविष्य संवारने में मिलता है।
- प्रकाश छंगाणी, राष्ट्रीय अध्यक्ष पुष्करणा समाज

वर्तमान में आवश्यक है यह परम्परा

पुरातनकाल में तो सभी भाई प्रतिदिन एक साथ बैठकर भोजन करते थे, लेकिन वर्तमान में टूट रहे परिवारों के बीच सामंजस्य बनाए रखने के लिए अक्षय तृतीया की परम्पराओं का निर्वहन बहुत आवश्यक हो गया है। इस पर्व की महत्ता का प्रचार हो तो परिवारों को टूटने से बचाया जा सकता है।
- घनश्याम थानवी, पूर्व मिस्टर राजस्थान व वरिष्ठ नागरिक

परम्पराओं का नहीं हो रहा निर्वहन

वर्तमान हालात में परिवार टूट रहे हैं, जिसका सबसे बड़ा कारण यह है कि अक्षय तृतीया पर कायम की गई परम्पराओं का निर्वहन नहीं हो रहा। पूर्व में कैसी भी परिस्थितियां रही हो, परिवार के सभी सदस्य एक साथ एक ही स्थान पर भोजन करते थे, लेकिन अब भाग-दौड़ वाले जीवन में कुछ ही परिवार बचे हैं जो इस परम्परा का निर्वहन कर रहे हैं।
- जयराम गज्जा, परम्पराओं के जानकार

सबसे लोकप्रिय

शानदार खबरें

Newsletters

epatrikaGet the daily edition

Follow Us

epatrikaepatrikaepatrikaepatrikaepatrika

Download Partika Apps

epatrikaepatrika

Trending Stories

नाम ज्योतिष: ससुराल वालों के लिए बेहद लकी साबित होती हैं इन अक्षर के नाम वाली लड़कियांभारतीय WWE स्टार Veer Mahaan मार खाने के बाद बौखलाए, कहा- 'शेर क्या करेगा किसी को नहीं पता'ज्योतिष अनुसार रोज सुबह इन 5 कार्यों को करने से धन की देवी मां लक्ष्मी होती हैं प्रसन्नइन राशि वालों पर देवी-देवताओं की मानी जाती है विशेष कृपा, भाग्य का भरपूर मिलता है साथअगर ठान लें तो धन कुबेर बन सकते हैं इन नाम के लोग, जानें क्या कहती है ज्योतिषIron and steel market: लोहा इस्पात बाजार में फिर से गिरावट शुरू5 बल्लेबाज जिन्होंने इंटरनेशनल क्रिकेट में 1 ओवर में 6 चौके जड़ेनोट गिनने में लगीं कई मशीनें..नोट ढ़ोते-ढ़ोते छूटे पुलिस के पसीने, जानिए कहां मिला नोटों का ढेर

बड़ी खबरें

ज्ञानवापी मस्जिद केसः सुप्रीम कोर्ट का सुझाव, मामला जिला जज के पास भेजा जाए, सभी पक्षों के हित सुरक्षित रखे जाएंशिक्षा मंत्री की बेटी को कलकत्ता हाई कोर्ट ने दिए बर्खास्त करने के निर्देश, लौटाना होगा 41 महीने का वेतनHyderabad Encounter Case: सुप्रीम कोर्ट के जांच आयोग ने हैदराबाद एनकाउंटर को बताया फर्जी, पुलिसकर्मी दोषी करारInflation Around World : महंगाई की मार, भारत से ज्यादा ब्रिटेन और अमरीका हैं लाचारपंजाब में दिल्ली का विकास मॉडल, CM भगवंत मान का ऐलान- 15 अगस्त को राज्य को मिलेंगे 75 नए मोहल्ला क्लीनिकराहुल गांधी ने मोदी सरकार पर साधा निशाना, कहा - 'पैंगोंग झील के पास दूसरा पुल बना रहा चीन, सरकार सिर्फ निगरानी ही कर रही है'दो साल बाद अपनों के बीच पहुंचते ही आजम खान ने बयां किया दर्द, बोले- मेरे साथ जो-जो हुआ वो भूल नहीं सकतापहली बार Yogi आदित्यनाथ की तारीफ में बोले अखिलेश यादव 'यूपी में Technology'
Copyright © 2021 Patrika Group. All Rights Reserved.