jodhpur court नाबालिग को बंधक बनाने के सभी आरोपी बरी

MI Zahir

Updated: 22 Jun 2019, 09:54:24 AM (IST)

Jodhpur, Jodhpur, Rajasthan, India

जोधपुर. जिला एवं सत्र न्यायालय ने चार वर्ष पूर्व पुलिस और बाल कल्याण अधिकारी द्वारा एक नाबालिग बच्ची ( minor ) को बंधक बनाने पर दर्ज एक मुकदमे में महिला सहित तीन आरोपियों को बरी ( all accused acquitted ) कर दिया है।

इस केस में 16 जून 2015 को मुखबिर की सूचना पर मोबाइल मानव तस्करी यूनिट और बाल कल्याण अधिकारी ने लालसागर स्थित नरसिंह विहार के मकान से दस वर्षीय एक नाबालिग लडक़ी को बरामद किया था। पुलिस ने एक महिला सहित तीन आरोपियों को बालकों की देखरेख संरक्षण अधिनियम की धारा 23 और भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के अंतर्गत मामला दर्ज कर तीनों को गिरफ्तार किया था।

चार साल पहले हुआ मामला
चार साल पहले शहर में मामला काफी चर्चा मे रहा था । अनुसंधान के बाद पुलिस ने महानगर मजिस्ट्रेट संख्या पांच में चालान पेश किया, जहां से मामला सेशन न्यायालय में आया।आरोपियों की ओर से अधिवक्ता नीलकमल बोहरा और नीलेश बोहरा ने अंतिम बहस करते हुए मामला झूठा बताया और कहा कि पीडि़ता सहित किसी भी गवाह ने मामले की पुष्टि नहीं की है। उन्होंने पुलिस द्वारा मनगढ़ंत कहानी बनाने का आरोप लगाते हुए बरी करने का निवेदन किया। लोक अभियोजक ने आरोपियों को सजा देने की मांग की । जिला व सत्र न्यायाधीश नरसिंहदास व्यास ने पीडि़ता, सभी गवाहों और उपलब्ध सुबूतों के आधार पर आरोपी राजकुमार व्यास पुत्र मुरलीधर, सुरेंद्रसिंह पुत्र शंकरसिंह और लाजवंती पत्नी भागचंद को बरी करने का आदेश दिया।

 

 



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