PAK विस्थापितों को नागरिकता दिलाने के नाम पर कमीशनखोरी खेल का पर्दाफ़ाश, गृह मंत्रालय बाबू समेत 4 धरे

nakul devarshi

Publish: May, 18 2018 10:56:25 AM (IST)

Jodhpur, Rajasthan, India
PAK विस्थापितों को नागरिकता दिलाने के नाम पर कमीशनखोरी खेल का पर्दाफ़ाश, गृह मंत्रालय बाबू समेत 4 धरे

राजस्थान में ऐंटी करप्शन ब्यूरो की बड़ी कार्रवाई, गृह मंत्रालय के कार्मिक समेत 4 को दबोचा

 

जोधपुर।

 

राजस्थान में पाक विस्थापितों को नागरिकता दिलाने के नाम वसूली के बड़े खेल को अंजाम दिया जा रहा था। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की टीम ने इस सनसनीखेज़ मामले पर से पर्दा उठाया है। ब्यूरो ने जोधपुर से इस मामले का खुलासा करते हुए चार लोगों को हिरासत में लिया है। फिलहाल इनसे गहन पूछताछ की जा रही है। संदेसा जताया जा रहा है कि ये नेटवर्क बड़ा हो सकता है और इसमें कई चौंकाने वाले खुलासे हो सकते हैं।


मिली जानकारी के अनुसार जिन चार लोगों को हिरासत में लिया गया है उनमें गृह मंत्रालय का बाबू पीके शर्मा भी शामिल है। एसीबी ने इन्हें डीपीएस चौराहे के पास से पकड़ा है। आरोप है कि ये सभी नागरिकता दिलाने के नाम पर लोगों से 12-12 हजार रूपए लेते थे। संदिग्ध परिस्थितियों में इन चार लोगों को एसीबी ने हिरासत में लेकर एसीबी ग्रामीण चौकी में पूछताछ शुरू की है।

 

एसीबी एसपी अजयपाल लाम्बा की अगुवाई में कार्रवाई को अंजाम दिया गया है। लाम्बा ने फिलहाल ज़्यादा जानकारी नहीं दी लेकिन इतना बताया कि तस्दीक के बाद ही स्थित और ज़्यादा स्पष्ट हो सकेगी। जानकारी ये भी मिली है कि पकड़े गए संदिग्धों से पूछताछ के लिए जयपुर से भी एक टीम जोधपुर के लिए रवाना हो गई है। मामले पर ज़्यादा खुलासा दोपहर बाद होने की संभावना जताई जा रही है।

 

... इधर सरकार ने पाक विस्थापितों को राहत देने के लिए बनाई है नीति
गौरतलब है कि राजस्थान सरकार ने पाक विस्थापितों के लिए हाल ही में नई नीति बनाई है। इसके तहत जयपुर, जोधपुर और अजमेर सहित 31 जिलों में अब पाकिस्तान से आए सभी हिंदू परिवारों को 100 वर्गमीटर तक के भूखंड 50 प्रतिशत तक की रियायती दरों पर आवंटित किए जाएंगे। इसके लिए जमीन आवंटन की नीति बनाकर आदेश जारी कर दिए गए हैं।

 

राजस्थान की नई नीति के अनुसार अब पाकिस्तान से आया हिंदू परिवार दो साल या अधिक समय से राजस्थान में निवास कर रहा है तो वह रियायती भूखंड का हकदार होगा। लेकिन उसके पास संबंधित जिले के कलेक्टर का भारत की नागरिकता का प्रमाणपत्र व निवास का एक दस्तावेज आवश्यक होगा। ऐसे परिवारों को 15 से 20 दिन में नगरीय निकायों द्वारा भूखंड आवंटन की प्रक्रिया पूरी करना जरुरी होगा। आवंटन के एक साल बाद तक यदि आवंटी ने नगरीय निकाय में राशि जमा नहीं कराई तो भूखंड स्वत: निरस्त हो जाएगा।

 

इस नीति के अनुसार पाक विस्थापित मुखिया के नाम ही भूखंड का आवंटन किया जाएगा। लेकिन परिवार के पुत्र या पुत्री बालिग है तो उनको भिन्न परिवार का सदस्य मानकर भूखंड आवंटित किए जाएंगे। पाक विस्थापितों को अधिकतम सीमा 100 वर्गमीटर आवास का आवंटन किया जाएगा। 60 वर्गमीटर तक के भूखंड की कीमत आवासीय आरक्षित दर की 25 फीसदी और 61 से 90 वर्गमीटर तक के भूखंड की कीमत आवासीय आरक्षित दर की 50 फीसदी रहेगी।

 

हाईकोर्ट में भी चल रही सुनवाई
वहीं पाक विस्थापितों को नागरिकता देने के मामले में राजस्थान हाईकोर्ट में भी सुनवाई जारी है। न्यायाधीश गोपालकृष्ण व्यास व रामचंद्रसिंह झाला की खंडपीठ ने इस मामले में राज्य सरकार के स्तर पर भिजवाए गए प्रार्थना पत्रों पर केंद्र सरकार द्वारा अब तक की गई कार्रवाई के संबंध में जानकारी मांगी है। इस मामले में सुनवाई की तारीख आज ही के दिन 18 मई को तय थी।

 

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