फैसला सुनने के बाद फूट-फूट कर रो पड़ा आसाराम! दुनिया भर के भक्तों की आस नहीं हुई पूरी

फैसला आने से पहले ही आसाराम चिंता में डूबे हुए थे। जैसे ही उन्हें फैसला सुनाया गया...

By: nakul

Published: 25 Apr 2018, 11:24 AM IST

जोधपुर।

गुरुकुल की नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म के आरोप में 56 माह से जेल में बंद आसाराम व उसके सेवादारों को राहत नहीं मिली है। लेकर आखिरकार फैसला सुना दिया गया है। न्यायाधीश मधुसूदन शर्मा ने बड़ा फैसला सुनाते हुए आसाराम को दोषी करार दे दिया है। जबकि 5 में से 3 सह आरोपियों को भी दोषी करार दिया गया है। दोषी करार दिए गए सह आरोपियों में आसाराम, शिल्पी और शरद के नाम शामिल हैं। वहीं प्रकाश और शिवा बरी करने का फैसला दिया गया।

 

फूट-फूट कर रोये आसाराम!
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार फैसला सुनते ही आसाराम की आँखें नम हो गईं। कुछ सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार आसारम की आँखों से आंसूं तक निकल आये।


आसाराम को सजा, जानें अब क्या होगा

केंद्रीय कारागार में विशेष कोर्ट से आसाराम को सजा और फैसले की कॉपी मिलने के तुरंत बाद आसाराम के वकील गुरुवार को राजस्थान उच्च न्यायालय में सजा स्थगन और सजा के खिलाफ अपील पेश कर सकते हैं।


शुक्रवार को केस डायरी मंगवाई जा सकती है। शनिवार को अवकाश रहेगा इसलिए उच्च न्यायालय में आसाराम की ओर से सजा स्थगन और सजा के खिलाफ अपील पेश की जाती है, तो उसकी सुनवाई संभवत: सोमवार को ही होगी।

 

फैसले से पहले तनाव में दिखे थे आसाराम
जोधपुर केंद्रीय कारागार में लगभग पौने पांच साल से बंद नाबालिग से यौन शोषण के आरोपी कथावाचक आसाराम की फैसले के दिन की दिनचर्या सामान्य रही। हालांकि उनके चेहरे पर तनाव देखा गया। कारागार के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार आसाराम सवेरे आम दिनों की अपेक्षा जल्दी उठे और रात भर बैचेनी में रहे।

 

उनके चेहरे पर सजा का भय बना रहा। आसाराम सवेरे चार बजे उठे और आम दिनों की तरह उन्होंने किसी तरह का व्यायाम नहीं किया। बताया जाता है कि आसाराम सवेरे जल्दी उठे और पूजा अर्चना की। पूजा अर्चना के दौरान वह काफी तनाव में देखे गये और उनके चेहरे पर सजा का भय के साथ मायूसी देखी गयी।

  

गौरतलब है कि सुनवाई के लिए सेंट्रल जेल में बैरक नंबर दो के पास विशेष कोर्ट बनाई गई थी। सुरक्षा के मद्देनजर जेल व शहर में करीब दो हजार पुलिसकर्मी तैनात रखे गए। आसाराम के आश्रम समेत बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, प्रमुख नाकों पर पुलिस बल तैनात किया गया। बरकततुल्ला खां स्टेडियम व राजकीय उम्मेद स्टेडियम में अस्थाई निरुद्ध गृह बनाए गए, ताकि समर्थकों को पकड़कर वहां रखा जा सके। इधर, फैसले से पहले आसाराम के समर्थक उसकी रिहाई को लेकर आश्रम में अखंड जाप करते रहे। 

 

चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात
आसाराम के पाल आश्रम में अस्थाई पुलिस चौकी स्थापित की गई। पुलिस ने मंगलवार को दो समर्थकों पकड़ कर उनके गृह नगर रवाना किया। पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों ने दो बार जेल का दौरा कर जेल डीआईजी विक्रम सिंह से सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की। पुलिस लाइन से जेल मार्ग तक पुलिस ने शाम को रूटमार्च किया। जेल में आरएसी के 75 जवान तैनात किए गए हैं।

 

मीडिया के प्रवेश की अर्जी खारिज
इससे पहले जेल में कवरेज के लिए हाईकोर्ट में मीडियाकर्मियों की ओर से लगाए गए प्रार्थना पत्र को कोर्ट ने खारिज कर दिया।

 

स्टेशन का पिछला गेट बंद
आसाराम समर्थकों के ट्रेन से पहुंचने की सूचना के बाद रेलवे ने जेल की ओर खुलने वाले जोधपुर मुख्य रेलवे स्टेशन के दूसरे द्वार को बुधवार रात 12 बजे तक के लिए बंद कर दिया। रेलवे के वरिष्ठ जन संपर्क अधिकारी गोपाल शर्मा ने बताया कि मंगलवार देर शाम से द्वार से प्रवेश व निकासी पर रोक लगा दी गई। रातानाडा की ओर वाले द्वार को पूरी तरीके से बंद कर दिया गया है।

 

56 माह से जेल में
- आसाराम इस प्रकरण में सितंबर, 2013 से जेल में बंद रहा
- प्रकरण की तकरीबन रोजाना कोर्ट में सुनवाई हो रही थी
- 58 गवाहों की अभियोजन पक्ष की सूची
- 50 से अधिक गवाहों की बचाव पक्ष की सूची
- 44 अभियोजन पक्ष के गवाहों से जिरह-गवाही
- 31 बचाव पक्ष के गवाहों से जिरह-गवाही

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