सोलर प्लांट पर तोडफ़ोड़-फायरिंग व आगजनी, पुलिस ने चलाईं पन्द्रह गोलियां

Vikas Choudhary

Updated: 05 Dec 2019, 12:11:08 AM (IST)

Jodhpur, Jodhpur, Rajasthan, India

जोधपुर.
जिले के फलोदी थानान्तर्गत उग्रास (ढढ्ढू ) गांव में निर्माणाधीन सोलर प्लांट पर मंगलवार रात एक-डेढ़ बजे चालीस वाहनों में आए डेढ़ सौ से दो सौ बदमाशों ने हमला कर प्लांट तहस-नहस कर दिया। वहां न सिर्फ तोड़-फोड़ की, बल्कि गोलियां चलाकर सोलह वाहन भी फूंक दिए। पहले से तैनात हथियारबंद पन्द्रह पुलिसकर्मियों ने पन्द्रह राउण्ड फायर किए, लेकिन आखिरकार उन्होंने भागकर जान बचाई। फायरिंग में फिलहाल किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। हमले के बारे में पुलिस को पहले ही सूचना मिल गई थी। फलोदी थानाधिकारी राजीव भादू को लाइन हाजिर कर दिया गया।
पुलिस व ग्रामीणों के अनुसार उग्रास गांव में एस्सेल सूर्या ऊर्जा कम्पनी ऑफ राजस्थान के सोलर प्लांट के लिए चार दीवारी का निर्माण चल रहा है। फलोदी प्रधान अभिषेक पुत्र महिपाल बिश्नोई के पास चार दीवारी व जीएसएस निर्माण का ठेका है। चालीस से अधिक वाहनों में सवार डेढ़ सौ से दो सौ युवकों ने हथियारों से लैस होकर मंगलवार रात करीब एक-डेढ़ बजे प्लांट पर धावा बोल दिया। इससे वहां सो रहे श्रमिकों व प्लांट कर्मचारियों ने हडक़म्प मच गया। यहां पुलिस के पन्द्रह जवान पहले से तैनात थे। उन्होंने विरोध किया, लेकिन बदमाशों की संख्या अधिक होने से पुलिस असहाय नजर आई।

बदमाशों ने प्लांट में मौजूद वाहनों व कंटेनर केबिन में तोड़-फोड़ शुरू कर दी। इसका प्रतिरोध करने पर बदमाशों ने गोलियां चलानी शुरू कर दी। जिससे वहां हडक़म्प मच गया। प्लांट में मौजूद वाहनों पर जमकर फायरिंग की गई। फिर उन्हें आग के हवाले कर दिया गया। हमलावरों ने रुपए भी लूट लिए।
पुलिस के पहुंचने से पहले भागे हमलावर

हमले का पता लगने पर पैंतीस किमी दूर स्थित पुलिस स्टेशन से फलोदी थानाधिकारी राजीव भादू व अन्य पुलिसकर्मी वारदात स्थल पहुंचे, लेकिन तब तक हमलावर भाग चुके थे। बाद में पुलिस व आस-पास के ग्रामीणों ने दमकलों की मदद से आग पर काबू पाया।
तीन व्यक्ति गिरफ्तार, शेष की तलाश में छह टीमें गठित

प्लांट कर्मचारी सुमेरसिंह की तरफ से बचनाराम, मांगीलाल, शैतानराम, हीरकनराम बिश्नोई, उदाराम, भोमसिंह, मनोहरलाल, बिरदाराम आदि के खिलाफ जानलेवा हमला, आगजनी आदि का मामला दर्ज किया गया। ढढ्डू निवासी हीरनराम बिश्नोई, उदाराम बिश्नोई व भोमसिंह को गिरफ्तार किया गया। शेष बदमाशों की तलाश में छह टीमें गठित की गई है।
परस्पर विरोधी फायरिंग, करोड़ों के वाहन फूंके

बदमाशों की गोलियों के जवाब में पुलिस ने भी फायरिंग की। पुलिस ने पन्द्रह राउण्ड गोलियां चलाईं, लेकिन बदमाशों की संख्या अधिक होने से पुलिस ने भागकर जान बचाई। हमलावरों ने प्लांट में मौजूद दो डीटीएच (बोरवेल मशीन), एक जेसीबी, एक हिटाची मशीन, दो एसयूवी, एक बोलेरो पिकअप, एक बोलेरो कैम्पर और दस-बारह मोटरसाइकिलों को आग लगा दी। साथ ही कंटेनर केबिन को भी आग लगाई गई।
प्लांट पर मौजूद थे पन्द्रह पुलिस जवान

प्लांट के निर्माण कार्य को लेकर पहले से हमले की आशंका थी। ग्यारह नवंबर को भी हमला किया गया था। इससे बचने के लिए गांव में पुलिस की अस्थाई चौकी लगा दी गई थी। साथ ही प्लांट पर हथियारबंद पुलिस भी तैनात कर दी गई थी। हमले के दौरान एक एएसआइ व दो हैड कांस्टेबल व १२ कांस्टेबल हथियारों के साथ तैनात थे। ठेका कम्पनी की तरफ से भुगतान पर इन्हें तैनात किया गया था।
पारिवारिक रंजिश में हमला, थानाधिकारी लाइन हाजिर

पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) राहुल बारहठ का कहना है कि हमले के कारणों में पारिवारिक रंजिश सामने आई है। महिपाल बिश्नोई और दूसरे पक्ष से निलम्बित कांस्टेबल प्रभुराम व बचनाराम भाई हैं। प्रभुराम व बचनाराम को कुछ समय पहले बड़ा नुकसान हुआ था। उन्हें अंदेशा है कि इसके पीछे महिपाल का हाथ था। इसका बदला लेने के लिए हमला किया गया। इस संबंध में मामला दर्ज कर तीन जनों को गिरफ्तार किया गया है। हमले को पुलिस की नाकामी मानकर थानाधिकारी को लाइन हाजिर किया जा रहा है। हमले की पूर्व सूचना होने की बात सामने आई है। इस बारे में जांच कराई जाएगी। प्लांट पर पुलिस व आरएसी के पचास हथियारबंद जवान तैनात किए गए हैं।

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned