video : औपचारिकता निभाते नजर आ रहे शौचालय

कहीं ताले तो कहीं कार्य ही पूर्ण नहीं हुआ- निगम के बाहर रखा चल शौचालय भी बंद

By: Jitendra Singh Rathore

Published: 12 Mar 2018, 05:08 PM IST

Jodhpur, Rajasthan, India

पुर्णिमा बोहरा/जोधपुर. नगर निगम ने शहर को ओडीएफ घोषित करने के लिए शौचालयों का निर्माण तो करवा दिया, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है। 65 वार्डों में लगे पूर्व निर्मित शौचालय हो या सार्वजनिक शौचालय या फिर चल शौचालय, इनमें से अधिकांश शौचालय मात्र औपचारिकता निभाते नजर आ रहे हैं। क्योंकि कई शौचालयों के आज तक ताले ही नहीं खुले तो कहीं कार्य पूरा ही नहीं हुआ। बड़ी बात तो यह है कि शौचालय उपयोग का पाठ पढ़ाने वाले निगम के स्वयं के कार्यालय के बाहर खड़ा किया हुआ चल शौचालय पर भी ताला जड़ा है। ऐसे में सुविधाओं का उपयोग करना आम जनता के बस की बात नहीं।
372 में से 210 कार्यरत 65 वार्डों में करीब 62 स्थानों पर निगम ने पूर्व निर्मित पोर्टेंबल शौचालय का ठेका दे रखा है। ठेके पर लगे 372 शौचालयों में से 210 शौचालय ही कार्यरत हैं। 162 अभी चालू ही नहीं हुए। इन शौचालयों का केबिन तो हर कहीं लगा रखा है, लेकिन न तो इसमें पानी का कनेक्शन किया गया है और न ही सीवरेज से जोड़ा गया है। कुछ शौचालयों में बायो डाइजेस्टर टैंक लगे हैं, लेकिन सीवर लाइन से जोडऩे वाले शौचालय का कार्य अधूरा ही पड़ा है। पावटा सी रोड पर अंडरब्रिज के नीचे दीवार के पास रखा शौचालय में न तो वाटर टैंक है और न ही सीवरेज कनेक्शन। लोग इसे यूज कर रहे है और गंदगी सड़क पर फैल रही है। वही कुछ कदम की दूरी पर आर्य समाज के बाहर रखा पोर्टेबल शौचालय भी धूल फांक रहा है।

 

210 शौचालय पूर्ण हो चुके है। बाकी पर काम चल रहा है। पेंट होगा, पानी की टंकी लगाई जाएगी, सीवर से जोड़ा जाएगा, इसके बाद वे शुरू होंगे। शहर में 62 लोकेशन पर शौचालय लगाए हैं।
हिमांशु अग्रवाल, अधिकारी, ठेका कंपनी

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