जोधपुर में भ्रष्टाचार के आरोपी पूर्व थानाधिकारी को जमानत

MI Zahir

Updated: 29 Jun 2019, 10:41:47 AM (IST)

Jodhpur, Jodhpur, Rajasthan, India

जोधपुर. राजस्थान उच्च न्यायालय ( Rajasthan highcourt ) ने रिश्वत ( bribe) की राशि रखने के आरोपी ( accused) रातानाडा के पूर्व थानाधिकारी ( former police officer of ratanada police station ) भूपेंद्रसिंह को ( Bhupendra Singh ) जमानत दे दी ( granted bail ) है। उच्च न्यायालय की अवकाशकालीन पीठ ने एक आरोपी से उचंती में जब्त राशि वापस देने में आनाकानी करने के बाद रिश्वत की राशि रखने के आरोप में गिरफ्तार रातानाडा के पूर्व थानाधिकारी भूपेन्द्रसिंह को यह जमानत दी।

जमानत का विरोध
राजस्थान उच्च न्यायालय के न्यायाधीश मनोज कुमार गर्ग की एकलपीठ में याचिकाकर्ता की ओर से पैरवी करते हुए विक्रमसिंह राजपुरोहित ने राजस्थान हाईकोर्ट को बताया कि इस मामले में शिकायतकर्ता का आचरण संदेहास्पद है। जबकि याची के खिलाफ न तो कोई पुख्ता साक्ष्य है और ना ही कोई बरामदगी है और न ही कोई मांग है। याची को इस मामले में गलत फंसाया गया है। ट्रायल में भी लंबा समय लगेगा, इसलिए उसे जमानत दी जाए। वहीं दूसरी ओर एसीबी की ओर से जमानत का विरोध किया गया।

जमानत प्रार्थना पत्र मंजूर

राजस्थान उच्च न्यायालय की एकलपीठ ने याचिकाकर्ता को एक लाख रुपए के व्यक्तिगत बंधपत्र और 50 हजार रुपए की दो जमानतें पेश करने की शर्त पर जमानत प्रार्थना पत्र मंजूर कर लिया।

निलम्बित कर दिया था
कथित फर्जी आइआरएस बनकर कोचिंग संस्थान में पढ़ाने वाले व्यक्ति के घर से मिले चार लाख में से एक लाख रुपए लौटाते भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के हत्थे चढऩे वाले रातानाडा थाना पुलिस सिर्फ हुक्का बार व शराब की दुकानों से हर महीने एक लाख सत्तर हजार रुपए मासिक बंधी वसूल रहा था। एसीबी की तलाशी में थानाधिकारी भूपेन्द्रसिंह की जेब में पर्स से मासिक बंधी के हिसाब-किताब की हस्तलिखित एक पर्ची में यह खुलासा हुआ। उधर, पुलिस कमिश्नर बीजू जॉर्ज जोसफ ने थानाधिकारी व पुलिस निरीक्षक भूपेन्द्रसिंह को शनिवार को निलम्बित कर दिया था।

कागज की पर्ची भी थी
ध्यान रहे कि इस केस में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ब्यूरो) नरेंद्र चौधरी के अनुसार कोचिंग संस्थान के शिक्षक विक्रमसिंह को बगैर रिकॉर्ड में लिए चार लाख में से एक लाख रुपए लौटाने पर थानाधिकारी भूपेन्द्रसिंह को थाने के चैम्बर में ही गिरफ्तार किया गया था। तलाशी के दौरान उसकी जेब से पर्स मिला था, जिसमें कागज की पर्ची भी थी। उसमें थानाधिकारी के हाथ से मासिक बंधी का हिसाब लिखा हुआ था। पर्ची के एक तरफ हुक्का बार व दूसरी तरफ शराब की दुकानों से मिलने वाली बंधी की राशि लिखी थी। ब्यूरो का कहना है कि हुक्का बार व शराब की 17 दुकानों से 1.60 लाख रुपए मासिक बंधी मिल रही थी।

 

 

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