Barmer pandal collapse mishap जसोल की तरह जोधपुर में दीवार गिरने से हुआ था दर्दनाक हादसा

MI Zahir

Publish: Jun, 24 2019 06:38:41 PM (IST)

Jodhpur, Jodhpur, Rajasthan, India

जोधपुऱ.मारवाड़ के लोग बाड़मेर बालोतरा- जसोल में रामकथा ( ram katha in balotra )के दौरान आए तेज अंधड़ औैर करंट से हादसे ( Barmer pandal collapse mishap ) से उबर नहीं पाए हैं। मृतकों के परिवार गमजदा तो घायलों के परिवार खौफजदा हैं। मारवाड़ में एेसे आंधी तूफान आते रहे हैं। शहर के रसाला रोड आेवरब्रिज ( rasala road over bridge ) के पास पृथ्वीपुरा में गत 13-14 मई 2019 की दरम्यानी रात को तेज अंधड़ और बारिश से हुए हादसे में एक मकान की दीवार गिर गई थी ( collapse of the wall in Jodhpur ) और तीन लोगों की मौत हो गई थी और एक व्यक्ति जख्मी हो गया था। एक गर्भस्थ शिशु की भी बाद में मृत्यु हो गई थी।

हादसे से महज आधे घंटे पहले
तब शहर के रसाला रोड आवेरब्रिज रोड के पास पृथ्वीपुरा में रहने वाले विनोद राठौड़ की बहन हादसे से महज आधे घंटे पहले परिवार से मिलकर ससुराल गई थी। जब पता लगा कि उसके भाई, भाभी और मां इस दुनिया में नहीं रहे तो उसे यकीन नहीं हुआ था। पड़ोसियों ने बताया था कि नैनी देवी की बेटी वंदना का ससुराल मंडोर में है। वह उस सोमवार को ही अपने दो बच्चों के साथ मां से मिलने पीहर आई थी। रात को उसे एक शादी में जाना था और हादसे में महज आधा घंटा पहले वह मां, भाई, भाभी से मिलकर अपने घर से रवाना हुई थी। उसके बच्चे ननिहाल में रुकने की जिद कर रहे थे।

सबसे पहले मां-बेटे पर गिरा मलबा

उस हादसे से कुछ समय पहले विनोद व उसकी मां नेनी देवी छत पर सोने चले गए। उसका भाई मनीष और उसकी पत्नी कोमल नीचे सो रहे थे। हादसे के समय पड़ोस के मकान की दीवार छत पर सो रहे विनोद व नेनी पर गिर गई थी। इसके बाद मलबे के वजन से मकान की पट्टियां टूट गई और मनीष व उसकी पत्नी पट्टियों के नीचे दब गए।


मकान का दरवाजा तोड़ कर निकाला था

पड़ोस में रहने वाले नरेंद्र ने बताया था कि धमाके की आवाज सुनते ही पड़ोसी मकान का दरवाजा तोड़ कर अंदर गए थे। मलबा और पट्टियों को हटान में समय लग गया था। करीब आधे घंटे में मनीष, विनोद और कोमल को बाहर निकाल कर अस्पताल भिजवाया गया था। करीब आधे घंटे बाद सिविल डिफेंस की टीम और पुलिस भी मौके पर पहुंच गई थी। इसके कुछ देर बाद नेनी देवी को बाहर निकाल अस्पताल भिजवाया था।

सात माह की गर्भवती थी कोमल

पड़ोस में रहने वाले नरपत ओड ने बताया कि कोमल सात माह की गर्भवती थी। हादसे के समय पड़ोसियों ने कोमल को सबसे पहले बाहर निकालने का प्रयास किया था। कोमल को उसके पति के साथ सबसे पहले मलबे से बाहर भी निकाल लिया गय था, लेकिन इलाज के दौरान दोनों की मौत हो गई थी।

ऐसा लगा, पत्थर बरस रहे थे

हादसे में दबने वाले परिवार के पड़ोस में रहने वाले नरपत ओड ने बताया था कि वह अपने परिवार के साथ घर में सो रहे थे। अचानक तेज धमाका हुआ और उनके मकान पर पत्थर गिरने लगे थे। मलबे के पत्थर सिढि़यों से लुढक़ते हुए उनके चौक में आ गए थे। मलबा गिरते समय एेसा लग रहा था कि पत्थरों की बारिश हो रही हो। हादसे से उसका परिवार डर गया था। उसने एक-एक कर के सबको बाहर निकाला। इधर बाहर आकर देखा तो उनके पड़ोस में रहने वाले विनोद और उसका परिवार अपने मकान में मलबे के नीचे दबे हुए थे। वे पुलिस को सूचना कर मलबा बाहर निकालने लगे। कुछ देर बाद बचाव कार्य के लिए सिविल डिफेंस व पुलिसकर्मी मौके पर पहुंच गए थे। नरपत का परिवार भी हादसे के बाद सहम गया था और अपने घर में नहीं घुसा था। यह परिवार पड़ोसी के यहां सोया था।

 

 

 

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned