बीसीएमएचओ ने पहले सीने में दर्द बताया, फिर रात को हवालात भेजा
बीसीएमएचओ ने पहले सीने में दर्द बताया, फिर रात को हवालात भेजा
- कोविड-19 रिपोर्ट 24 घंटे से अधिक पुरानी होने पर जेल प्रशासन ने बंद करने की बजाय लौटाया
Published: 23 Feb 2021, 01:37 PM IST
जोधपुर.
एमओ मोबिलिटी बिल के भुगतान व कारण बताओ नोटिस फाइल करने के बदले 17 हजार रुपए रिश्वत लेने के आरोपी ब्लॉक सीएमएचओ और वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ शरद कुमार सक्सेना को सोमवार को पाली के बांगड़ अस्पताल में पहले सीने में दर्द बताया गया, लेकिन फिर रात को कोतवाली थाने की हवालात में भेजा गया। इससे पहले कोविड-19 रिपोर्ट 24 घंटे के भीतर की न होने पर जेल प्रशासन ने बंद करने की बजाय लौटा दिया था और एसीबी दुबारा सैम्पल दिलाने के लिए अस्पताल ले गई थी।
एसीबी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भोपालसिंह लखावत ने बताया कि प्रकरण में आरोपी ब्लॉक सीएमएचओ डॉ शरद कुमार सक्सेना को मजिस्ट्रेट ने रविवार को न्यायिक अभिरक्षा में भेजने के आदेश दिए थे। कोविड-19 जांच रिपोर्ट न आने पर उसे पाली के कोतवाली थाने में बंद रखा गया था। जांच रिपोर्ट सोमवार को नेगेटिव आई तो एसीबी डॉ शरद को लेकर पाली के उप कारागार पहुंची, लेकिन जांच रिपोर्ट चौबीस घंटे से पुरानी होने पर जेल प्रशासन ने बीसीएमएचओ को बंद करने से इनकार कर दिया और 24 घंटे के भीतर की कोविड-19 रिपोर्ट नेगेटिव आने पर जेल लाने के आदेश दिए। ऐसे में एसीबी दुबारा कोविड-19 जांच कराने के लिए बीसीएमएचओ डॉ शरद को बांगड़ अस्पताल ले गई। चिकित्सकों ने ईसीजी व अन्य जांचें कर डॉ शरद के सीने में दर्द की शिकायत बता दी और उसे अस्पताल में भर्ती करने की सलाह दे दी, लेकिन डॉ शरद कुमार सक्सेना ने तबीयत ठीक होने की जानकारी दी तो रात को उन्हें फिर से कोतवाली थाने ले जाया गया। कोविड-19 जांच रिपोर्ट दुबारा आने पर जेल भेजने पर निर्णय किया जाएगा।
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