दिवाली से पहले वायुसेना में शामिल होगी ब्रह्मोस मिसाइल

Gajendra Singh Dahiya

Publish: Jul, 14 2019 06:00:00 AM (IST)

Jodhpur, Jodhpur, Rajasthan, India

जोधपुर. ब्रह्मोस मिसाइल दिवाली से पहले भारतीय वायुसेना में शामिल हो जाएगी। ब्रह्मोस एयरोस्पेस कॉर्पोरेशन सुखोई-30 लड़ाकू विमान से तीसरा व अंतिम परीक्षण सितम्बर महीने में करेगा। ब्रह्मोस से लैस चालीस सुखोई-३० लड़ाकू विमान तैयार किए जा रहे हैं जो पाकिस्तान व चीन की सीमा पर तैनात होंगे। इसमें से कुछ जोधपुर, अम्बाला व पठानकोट एयरबेस पर रहेंगे। बालाकोट एयरस्ट्राइक के छह सप्ताह बाद केंद्र सरकार ने ये निर्देश दिए थे।

सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ब्रह्मोस के सतह से सतह पर मार करने वाले वर्जन को सेना में शामिल किया जा चुका है। वर्ष 2017 में इसके एरियल वर्जन यानी हवा से सतह पर मार करने वाली क्षमता का सुखोई-३० लड़ाकू विमान से परीक्षण शुरू हुआ। पहला परीक्षण 22 अगस्त 2017 को हुआ, जिसमें सुखोई-30 ने हवा से ब्रह्मोस मिसाइल छोडक़र एक नेवल टारगेट ध्वस्त किया था। इसके बाद दूसरा परीक्षण इसी साल 22 मई को हुआ, जिसमें सुखोई-30 से दक्षिणी कमाण्ड से उड़ान भरकर दो हजार किलोमीटर दूर अण्डमान में टारगेट को सफलतापूर्वक निशाना बनाया। लड़ाकू विमान से करीब 300 किलोमीटर की क्षमता की मिसाइल दागने वाली भारतीय वायुसेना विश्व की पहली वायुसेना है। अब तीसरा व अंतिम परीक्षण कर इसे वायुसेना में शामिल कर लिया जाएगा।

सुखोई-30 में किया मोडिफिकेशन
ब्रह्मोस मिसाइल को सुखोई-30 से फायर करने के लिए इसमें मेकेनिकल, इलेक्ट्रिकल और सॉफ्टवेयर बदलाव किए गए हैं। सॉफ्टवेयर में बदलाव वायुसेना के इंजीनियर्स ने किया जबकि मेकेनिकल व इलेक्ट्रिकल बदलाव हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड कर रही है। ब्रह्मोस मिसाइल 2.5 टन की है। यह ध्वनि की गति से अधिक 2.8 मैक से 290 किलोमीटर तक मार कर सकती है। यह जमीन से 3 से 4 मीटर ऊपर चलने की वजह से राडार से ओझल रहती है।

दिवाली तक शक्तिशाली हो जाएगी वायुसेना
दिवाली से पहले न केवल सुखोई-30 लड़ाकू विमानों को ब्रह्मोस मिसाइल से लैश किया जा रहा है वरन् फ्रांस से पहला रफाल लड़ाकू विमान भी सितम्बर में अंबाला में आएगा। रफाल में पहले से ही बीवीआरएएएम मिसाइल लगी होगी। उधर रूस से एयर डिफेंस सिस्टम एस-४०० भी तैयारी में है। एक साथ तीन बड़े बदलाव भारतीय वायुसेना को जबरदस्त ताकत देंगे।

डेढ़ महीने बाद ब्रह्मोस का तीसरा परीक्षण
‘ब्रह्मोस फाइनल ऑपरेशनल क्लियरिंग के लिए तैयार है। एक-डेढ़ महीने बाद इसका तीसरा व अंतिम परीक्षण कर वायुसेना में शामिल कर लिया जाएगा।
प्रवीण पाठक, मुख्य महाप्रबंधक (मार्केटिंग, प्रमोशन एण्ड एक्सपोर्ट), ब्रह्मोस एयरोस्पेस

 

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