गर्म मरुस्थल में काम करने वाली काजरी के लिए ठण्डे मरुस्थल में चुनौती

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- काजरी का 62वां स्थापना दिवस समारोह
- प्रदेश में 20 साल में बदला बारिश का पैटर्न, बदली पारिस्थितिकी पर कार्य करें वैज्ञानिक
- 26 साल बाद टिड्डी आई, अब काजरी इस ओर भी ध्यान दें

By: Gajendrasingh Dahiya

Published: 01 Oct 2020, 11:30 PM IST

जोधपुर. केंद्रीय कृषि शिक्षा व अनसुंधान विभाग के सचिव व भारतीय कृषि अनसुंधान परिषद (आईसीएआर)के महानिदेशक डॉ त्रिलोचन महापात्रा ने कहा कि केंद्रीय शुष्क क्षेत्र अनुसंधान संस्थान (काजरी) के लिए अब ठण्डे मरुस्थल लेह में काम करना चुनौती रहेगी। वहां रिमोट सेंसिंग, ड्रोन, एरिया मैपिंग जैसी नई तकनीकी मदद से संसाधनों का प्रबंधन करना होगा। पिछले 60 सालों में काजरी द्वारा गर्म मरुस्थल में बेहतरीन काम करने पर उन्होंने बधाई दी।

महापात्रा काजरी के 62वें स्थापना दिवस वर्चुअल समारोह को दिल्ली से संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पिछले 20 साल में राजस्थान में बारिश का पैटर्न बदल गया है। ऐसे में बदली पारिस्थितिकी के अनुसार वैज्ञानिकों को नई कृषि व उद्यानिकी फसलें लानी चाहिए। केवल चारा उगाने वाली फसलों का समय अब खत्म हो गया है। महापात्रा ने देश के समस्त आईसीएआर संस्थानों द्वारा कोविड-19 परिस्थितियों में बेहतरीन काम करने की प्रशंसा की।

26 साल बाद टिड्डी आई, काजरी भी कुछ करे
डॉ महापात्रा ने कहा कि इस बार 26 साल बाद भारत में टिड्डी ने प्रवेश किया है। काजरी के वैज्ञानिकों को अब टिड्डी को लेकर भी सतर्क रहना चाहिए और उस पर शोध करके उसे रोकने व फसलों को बचाने का प्रयास करना चाहिए।

इन्होंने भी किया संबोधित
सुबह 9.30 बजे शुरु हुआ स्थापना दिवस कार्यक्रम करीब डेढ़ घण्टे चला। शुरुआत में काजरी निदेशक डॉ ओपी यादव काजरी को अब तक मिले 11 पेटेंट के साथ उपलब्धियों का ब्यौरा प्रस्तुत किया। काजरी के तीन पूर्व निदेशकों डॉ केपीआर विठ्ठल, डॉ प्रतापनारायण और डॉ जे वेंकटेश्वरलू ने भी संबोधित किया। आईसीएआर के उप महानिदेशक डॉ एसके चौधरी ने मृदा व जल प्रबंधन के बारे में बताया। संचालन डॉ आरएस त्रिपाठी ने किया।

इनको मिले पुरस्कार
बेस्ट वर्कर एवार्ड प्रधान वैज्ञानिक डॉ. अकथ सिंह, तकनीकी अधिकारी सूरज प्रकाश, जालम सिंह, प्रशासकीय अधिकारी रमेश कुमार, सहायककर्मी भीमराज सोलंकी को मिला। श्रेष्ठ शोध पत्र लेखन के लिए डॉ. एसपीएस तंवर, डॉं. अर्चना वर्मा, डॉ. प्रवीण कुमार, डॉ. नुरनाबी मेहरूल आलम एवं डॉ. आरके भट्ट को सम्मानित किया गया। संस्थान में उल्लेखनीय योगदान के लिए तकनीकी सहायक स्टेंजिन लेंडोल, सहायककर्मी सुरेश कुमार और प्रक्षेत्र ईकाइ, रखरखाव अनुभाग, प्रशासनिक, वित्त एवं लेखा विभाग के समस्त अधिकारियों व कर्मचारियों को सम्मानित किया गया।

Gajendrasingh Dahiya Reporting
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