कैदी को पैरोल दिलाने के लिए फर्जी पुत्र-पुत्री पहुंचे जेल

जोधपुर. सेन्ट्रल जेल जोधपुर में अब तक बंदी व कैदियों के मोबाइल पर बात करने अथवा मादक पदार्थ अंदर ले जाने के किस्से ही सामने आए हैं। इस बार एक कैदी को स्वीकृत पैरोल के लिए आवश्यक हैसियत प्रमाण पत्र जमा कराने फर्जी पुत्र व पुत्री पहुंच गए।

By: Jay Kumar

Updated: 19 Jan 2019, 03:20 PM IST

Jodhpur, Jodhpur, Rajasthan, India

 

जोधपुर. सेन्ट्रल जेल जोधपुर में अब तक बंदी व कैदियों के मोबाइल पर बात करने अथवा मादक पदार्थ अंदर ले जाने के किस्से ही सामने आए हैं। इस बार एक कैदी को स्वीकृत पैरोल के लिए आवश्यक हैसियत प्रमाण पत्र जमा कराने फर्जी पुत्र व पुत्री पहुंच गए। संदेह होने पर जेल प्रशासन ने जांच कराई तो न सिर्फ रिश्ता फर्जी निकला बल्कि हैसियत प्रमाण पत्र भी कूटरचित होने की पुष्टि हुई।

 

केन्द्रीय कारागार में बंदी अयूब की ओर से पैरोल के लिए किया गया आवेदन स्वीकृत हो गया था। पैरोल पर जाने से पहले जेल प्रशासन बंदी या कैदी से हैसियत प्रमाण पत्र लेता है। इसके लिए एक युवक व युवती जेल पहुंचे और दोनों ने बंदी अयूब को अपना पिता बताया। नाम पूछने पर अयूब और युवक-युवती के धर्म अलग-अलग निकले। यानि अयूब मुस्लिम और युवक-युवती ***** हैं। संदेह होने पर जेल उपाधीक्षक ने दोनों की जांच कराई तो पिता व पुत्र-पुत्री का रिश्ता झूठा निकला। युवक-युवती ने जो हैसियत प्रमाण पत्र पेश किया वो भी कूटरचित निकला। जेल प्रशासन की आपत्ति के बाद दुबारा जमानत और दस्तावेज पेश करने पर बंदी को पैरोल पर भेजा जा सका।

 

धोखाधड़ी का मामला दर्ज

कूटरचित दस्तावेज पेश करने और फर्जी पुत्र व पुत्री के संबंध में जेल प्रशासन की तरफ से उदयमंदिर थाने में बंदी अयूब और घंटाघर क्षेत्र निवासी युसूफ के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया गया है। उप निरीक्षक को जांच सौंपी गई है। प्रकरण में कूटरचित दस्तावेज पेश करने वाले युवक-युवती की भूमिका भी जांची जाएगी।

 

 

फर्जी दस्तावेज बनाने के मध्यस्थ सक्रिय
सूत्रों का कहना है कि कैदियों को पैरोल स्वीकृत कराने के संबंध में कुछ लोग बतौर दलाल सक्रिय हैं। ये मिलीभगत कर फर्जी दस्तावेज तैयार करते हैं और जेल में पेश कर देते हैं।

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