उज्जैन से आकर यहां स्थापित हुए थे महाकाल, जोधपुर के इस महादेव मंदिर की है अनूठी दास्तान

By: Harshwardhan bhati

Published: 01 May 2018, 12:30 PM IST

Jodhpur, Rajasthan, India

charmukhi mahakal temple in jodhpur

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कमलेश दवे/धुंधाड़ा/जोधपुर. लूणी पंचायत समिति क्षेत्र की ग्राम पंचायत लोलावास का मोरटुका गांव। गांव में प्राचीन महाकाल का मंदिर है, जिसमें उज्जैन से जोधपुर के कटला बाजार में स्थापित करने लाई जा रही महाकाल की चारमुखी मूर्ति विराजित है। जिनके दर्शन करने के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु आते हैं तथा महारुद्राभिषेक कर अपने परिवार की कुशलता की कामना करते हैं। यह गांव चारमुखी महादेव की मूर्ति के कारण आस्था का केन्द्र बना हुआ है। काले पत्थर से बनी चारमुखी महादेव की मूर्ति अपने आप में ही निराली नजर आती है। श्रद्धालु कई घण्टों तक मूर्ति के सामने बैठकर शिव आराधना करते हैं। किवदंती है कि मंदिर में स्थापित चारमुखी महादेव की मूर्ति जोधपुर दरबार की ओर से उज्जैन से लाई गई थी, जिसे जोधपुर स्थित कटला बाजार में स्थापित करना था, लेकिन रास्ते में काफिले ने रात्रि विश्राम मोरटुका नाडी (तालाब)की पाळ पर किया।

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