scriptChildren will now be able to watch movies along with reading comic | बच्चे अब कॉमिक्स पढऩे के साथ देख सकेंगे उसकी मूवी भी | Patrika News

बच्चे अब कॉमिक्स पढऩे के साथ देख सकेंगे उसकी मूवी भी

- आइआइटी जोधपुर ने ई-कॉमिक्स को वीडियो में बदलने का सॉफ्टवेयर विकसित किया
- देश की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को सहेजने की पहल

जोधपुर

Published: January 05, 2022 09:16:19 pm

जोधपुर. कॉमिक्स रीडिंग अनुभव को मजेदार, इंटरएक्टिव और आकर्षक बनाने के लिए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आइआइटी) जोधपुर के शोधकर्ताओं ने डिजिटल कॉमिक्स को वीडियो में बदलने का सॉफ्टवेयर विकसित किया है। यह कॉमिक्स के डिजिटलाइज संस्करण को मूवी में तब्दील कर देगा, जिससे बच्चे और बड़े अपने अपनी पसंदीदा डिजिटल कॉमिक्स को वीडियो रूप में भी देख पाएंगे। यह एक ऑडियो-वीडियो स्टोरी बुक की तरह काम करेगी। आइआइटी जोधपुर का सॉफ्टवेयर विकसित करने का मुख्य उद्देश्य देश की सांस्कृतिक विरासत को सहेजना है। आजकल अधिकांश बच्चे और बड़े किताबें पढऩे की बजाय मोबाइल में ई-बुक, कॉमिक्स और एनिमेटेड चीजें देखते हैं। इस सॉफ्टवेयर के जरिए रामायण, गीता, महाभारत, पुराण, उपनिषद्, ब्राह्मण, आरण्यक जैसे देश के धरोहर ग्रंथों को ई बुक में बदलकर अथवा इनके डिजिटल एडिशन को वीडियो में तब्दील करके यू-ट्यूब जैसे चैनल पर मुहैया करवाया जाएगा। इससे बच्चे सांस्कृतिक विरासत से परिचित हो सकें।
बच्चे अब कॉमिक्स पढऩे के साथ देख सकेंगे उसकी मूवी भी
बच्चे अब कॉमिक्स पढऩे के साथ देख सकेंगे उसकी मूवी भी
कॉमिक्स के बैलून के टेक्सट बोलेंगे
आइआइटी जोधपुर ने आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस, मशीन लर्निंग, कम्प्यूटर विजन की सहायता से कॉमिक टू वीडियो नेटवर्क (सीटूवी नेट) विकसित किया है। सामान्यतया एक कॉमिक्स में कई वर्गाकार खाने होते हैं जिनमें पटकथा चलती है। इन चौकोर खानों में चित्र के साथ टेक्सट मैसेज भी होता है जो बैलून रूप में होता है। सॉफ्टवेयर की मदद से पैनल टू पैनल इन चित्रों को जोड़ा जाएगा और आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस की सहायता से बैलून में लिखे टेक्सट को वॉइस में बदला जाएगा। अकेला सॉफ्टवेयर डिजिटल बुक को मूवी में बदल लेगा। अगर पुस्तक फिजिकल रूप में उपलब्ध है तो पहले उसको ई-बुक में बदलकर बाद में उसकी भी मूवी बना सकते हैं। वर्तमान में पुस्तकों की हुबहू मूवी नहीं बनती है वरन् उनके एनिमेशन काम में लेकर वीडियो बनाते हैं जो वास्तविक तौर से भिन्न होते हैं।
सॉफ्टवेयर में दो आंतरिक नेटवर्क को किया उपयोग

पैनल से वीडियो निर्माण के लिए दो आंतरिक नेटवर्क उपयोग लिए गए हैं। सीपीईनेट 97 प्रतिशत से अधिक सटीकता देता है। स्पीच बैलून सेगमेंटेशन मॉडल एसबीएसनेट कम मापदंडों के साथ 98 प्रतिशत सटीकता देता है। वर्तमान में दुनिया में इस तरह का उन्नत सॉफ्टवेयर नहीं है।
...................
‘सीटूवी नेट के जरिए हमारा उद्देश्य देश की सांस्कृतिक विरासत, धरोहर और संस्कृति को सहेजना है। आने वाली पीढ़ी पुस्तकों के टेक्सट को वीडियो रूप में आसानी से समझ सकेंगी।’
- डॉ चिरंजॉय चट्टोपाध्याय, कंप्यूटर विज्ञान विभाग, आइआइटी जोधपुर

सबसे लोकप्रिय

शानदार खबरें

Newsletters

epatrikaGet the daily edition

Follow Us

epatrikaepatrikaepatrikaepatrikaepatrika

Download Partika Apps

epatrikaepatrika

Trending Stories

इन नाम वाली लड़कियां चमका सकती हैं ससुराल वालों की किस्मत, होती हैं भाग्यशालीजब हनीमून पर ताहिरा का ब्रेस्ट मिल्क पी गए थे आयुष्मान खुराना, बताया था पौष्टिकIndian Railways : अब ट्रेन में यात्रा करना मुश्किल, रेलवे ने जारी की नयी गाइडलाइन, ज़रूर पढ़ें ये नियमधन-संपत्ति के मामले में बेहद लकी माने जाते हैं इन बर्थ डेट वाले लोग, देखें क्या आप भी हैं इनमें शामिलइन 4 राशि की लड़कियों के सबसे ज्यादा दीवाने माने जाते हैं लड़के, पति के दिल पर करती हैं राजशेखावाटी सहित राजस्थान के 12 जिलों में होगी बरसातदिल्ली-एनसीआर में बनेंगे छह नए मेट्रो कॉरिडोर, जानिए पूरी प्लानिंगयदि ये रत्न कर जाए सूट तो 30 दिनों के अंदर दिखा देता है अपना कमाल, इन राशियों के लिए सबसे शुभ

बड़ी खबरें

देश में वैक्‍सीनेशन की रफ्तार हुई और तेज, आंकड़ा पहुंचा 160 करोड़ के पारपाकिस्तान के लाहौर में जोरदार बम धमाका, तीन की नौत, कई घायलजम्मू कश्मीर में सुरक्षाबलों को मिली बड़ी कामयाबी, लश्कर-ए-तैयबा का आतंकी जहांगीर नाइकू आया गिरफ्त मेंCovid-19 Update: दिल्ली में बीते 24 घंटे के भीतर आए कोरोना के 12306 नए मामले, संक्रमण दर पहुंचा 21.48%घर खरीदारों को बड़ा झटका, साल 2022 में 30% बढ़ेंगे मकान-फ्लैट के दाम, जानिए क्या है वजहचुनावी तैयारी में भाजपा: पीएम मोदी 25 को पेज समिति सदस्यों में भरेंगे जोशखाताधारकों के अधूरे पतों ने डाक विभाग को उलझायाकोरोना महामारी का कहर गुजरात में अब एक्टिव मरीज एक लाख के पार, कुल केस 1000000 से अधिक
Copyright © 2021 Patrika Group. All Rights Reserved.