पानी पर तैर रहे शहर में आया पेयजल संकट

- इंदिरा गांधी नहर में सफाई के चलते २ मई तक क्लोजर

By: Abhinav singh Chouhan

Published: 29 Mar 2018, 05:52 PM IST

- इंदिरा गांधी नहर में सफाई के चलते २ मई तक क्लोजर - ९ जिले होंगे प्रभावित, जोधपुर व बाड़मेर के १२६० गांवों में पानी की मारामारी - कलक्टर-एसपी व जलदाय विभाग अलर्ट - प्रशासन का दावा- सामान्य रहेगी जलापूर्ति - वेकल्पिक इंतजाम पूरे, पानी बचाने की अपील फैक्ट फाइल ३५ दिन - क्लोजर १५ एमसीएफटी- रोजाना जल खपत शहर में 725 एमसीएफ टी - जल की आवश्यकता क्लोजर के दौरान 1७० एमसीएफ टी - पानी स्टोरेज कायलाना व तखत सागर में 575 एमसीएफ टी - पानी का स्टोरेज पोंडिंग से १.९५ लाख- उपभोक्ता शहर में १२६० गांव- जोधपुर व बाड़मेर के होंगे प्रभावित ५ कस्बे- होंगे प्रभावित

 

जोधपुर. पंजाब से आने वाली इंदिरा गांधी मुख्य नहर सफाई व मरम्मत कार्य के चलते आज से 2 मई के बीच 35 दिन तक बंद रहेगी। नहर में गुरुवार से क्लोजर के चलते नौ जिलों की जलापूर्ति प्रभावित होगी। इतिहास में पहली बार इतने लम्बे क्लोजर को लेकर प्रशासन व जलदाय विभाग की नींद उड़ी हुई है। जलदाय विभाग, इंदिरा गांधी लिफ्ट कैनाल, राजीव गांधी नहर सहित पुलिस-प्रशासन इन जिलों में पेयजल आपूर्ति सुचारू करने में जुटे हुए हैं। जोधपुर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, बीकानेर , चुरु, जैसलमेर , जोधपुर, नागौर और बाड़मेर सहित प्रदेश के नौ जिले इससे प्रभावित रहेंगे। इसके चलते प्रशासन सतर्क है। सभी नौ जिलों के एसपी-कलक्टर को सतर्क किया गया है।

 

प्रशासन का दावा है कि रोजाना की तरह सामान्य रूप से जलापूर्ति की जाएगी। इधर, जोधपुर शहर के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं। जिला कलक्टर ने पानी बचाने व आमजन से पड़ोसियों को भी पानी व्यर्थ बहाने पर टोकने की बात कही है। फिलहाल पहले दिन गुरुवार को पानी की कोई विशेष समस्या शहर में नहीं रही। लेकिन आपूर्ति कम कर दी गई है। इससे लोग परेशान हो रहे हैं पांच बड़े कस्बे व १२६० गांव भी प्रभावित जोधपुर शहर के अलावा इंदिरा गांधी नहर से बिलाड़ा, फलोदी, पीपाड़, बाड़मेर, समदड़ी व बालोतरा के अलावा दोनों जिलों के १२६० गांवों में पानी की आपूर्ति होती है। जोधपुर में प्रतिदिन २०.७३ मिलियन क्यूबिक फीट (एमक्यूएफ) पानी की आपूर्ति की जाती है। जबकि ३५ दिनों में यह करीब ७२५ मिलियन क्यूबिक फीट होगा। कायलाना, तखतसागर व सुरपुरा बांध में जनवरी महीने से एक-एक दिन का क्लोजर कर के पानी भरा गया। इसके अलावा ९ डिग्गियां हैं। इनमें १५० एमक्यूएफ पानी है।

 

इंदिरा गांधी कैनाल में बीकानेर के छतरगढ़ से लेकर जैसलमेर के मदासर तक २०० किलोमीटर में करीब ५०० एमक्यूएफ फीट पानी भर कर रखा गया है। नई ट्यूबवैल स्वीकृत, पुरानी होगी चालू शहर में २५ नई ट्यूबवैल को स्वीकृत किया गया है। साथ ही १८ पुरानी ट्यूबवैल को ठीक किया जाएगा। इसके अलावा जोधपुर ग्रामीण में २८ ट््यूबवैल को स्वीकृति प्रदान की गई है। इनसे पानी लिया जाएगा। बीकानेर में सबसे अधिक पानी चोरी पानी की सर्वाधिक चोरी बीकानेर के पास कैनाल में होती है। एेसे में बीकानेर पुलिस को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन विजिलेंस टीम गठित की गई है।

 

फिलहाल चार दिन असर कम जलदाय विभाग का दावा है कि पूरे क्लोजर के दौरान शहर में जलापूर्ति सामान्य रहेगी। लेकिन जानकारों की माने तो पहले के चार दिन नहर में पानी आता रहेगा, इस कारण समस्या नहीं होगी। क्लोजर के अंतिम दिनों में पानी की गणित के हिसाब से आपूर्ति की जाएगी। क्लोजर के बाद पंजाब का पानी ३ मई को जोधपुर पहंचुने की उम्मीद है। उपभोक्ताओं के लिए कंट्रोल रूम नहर के क्लोजर के दौरान अथवा जल वितरण संबंधी किसी भी समस्या निस्तारण के लिए कंट्रोल रूम टेलिफोन नम्बर 2651710, 2651711 पर शिकायत लिखवाई जा सकती है।

 

पुलिस अधीक्षक ग्रामीण ने बताया कि जल उपभोक्ता कोई जल वितरण में कानून एवं शंाति व्यवस्था में व्यवधान डालने वाले के खिलाफ नजदीक थाने पर शिकायत दर्ज करवाई जा सकती है। शहर में यह प्रबंध - कायलाना व तखत सागर में पानी का स्टोरेज - शहर की ट्यूबवैल से पानी लिया जाएगा- टैंकरों से भी आपूर्ति - पानी चोरी पर विशेष निगरानी - पुलिस अलर्ट - हैण्डपम्प दुरुस्त - स्थानीय जल स्त्र्रोतों से पानी

Abhinav singh Chouhan
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