जैन समुदाय के उपाध्याय मानचन्द्र की महाप्रयाण यात्रा में शोक संवेदना प्रकट करने पहुंचे सीएम अशोक गहलोत

जैन श्वेताम्बर स्थानकवासी हितैषी श्रावक संघ के उपाध्याय प्रवर मानचंद्र मसा का गुरुवार शाम 5.58 बजे चौविहार संथारा पूर्वक देवलोकगमन हो गया। यह सूचना मिलते ही समग्र जैन समाज के श्रावकों में शोक की लहर छा गई।

By: Harshwardhan bhati

Published: 03 Jan 2020, 12:23 PM IST

Jodhpur, Jodhpur, Rajasthan, India

वीडियो : मनोज सैन/जोधपुर. जैन श्वेताम्बर स्थानकवासी हितैषी श्रावक संघ के उपाध्याय प्रवर मानचंद्र मसा का गुरुवार शाम 5.58 बजे चौविहार संथारा पूर्वक देवलोकगमन हो गया। यह सूचना मिलते ही समग्र जैन समाज के श्रावकों में शोक की लहर छा गई।

आचार्य हस्तीमल महाराज के शिष्य और आचार्य प्रवर हीराचन्द के शासन सहयोगी मानचन्द्र चौविहार प्रत्याख्यान के साथ देवलोकगमन हुए। उनकी अन्तिम महाप्रयाण यात्रा शुक्रवार सुबह 11 बजे सामायिक स्वाध्याय भवन शक्तिनगर गली संख्या 6 स्थित स्थानक से पावटा, मेड़तीगेट, घंटाघर, सिरे बाजार होते हुए सिवांचीगेट ओसवाल स्वर्गाश्रम जा रही है। इस दौरान शोक संवेदना प्रकट करने सीएम अशोक गहलोत भी पहुंचे। अखिल भारतीय जैन रत्न हितैषी श्रावक संघ, अखिल भारतीय जैन रत्न श्राविका मण्डल व जैन रत्न युवक परिषद् जोधपुर से जुड़े श्रावकों सहित समग्र जैन समाज के लोगों ने उनके निधन पर शोक जताया।

रत्नसंघीय परम्परा के 84 वर्षीय उपाध्याय प्रवर मानचन्द्र का जन्म 23 जनवरी 1935 में अचलचंद-छोटाबाई सेठिया के जोधपुर में स्थित घर में हुआ था। सरदार स्कूल प्रांगण में 6 मई 1963 को उन्होंने आचार्य गुरुदेव हस्तीमल के सान्निध्य में दीक्षा ग्रहण की थी। उन्हें 22 अप्रेल 1991 में पाली जिले के निमाज में उपाध्याय पद से अलंकृत किया गया था।

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