scriptCrops will be produced with less water in these areas of Rajasthan | Crops Production - राजस्थान के इन क्षेत्रों में कम पानी से होगा फसलों का उत्पादन | Patrika News

Crops Production - राजस्थान के इन क्षेत्रों में कम पानी से होगा फसलों का उत्पादन

Crops Production - कृषि विवि भाभा आणविक अनुसंधान संस्थान के साथ हाइड्रोजेल उत्पाद पर कर रहा रिसर्च
- अब तक हुए शोधों के आए सकारात्मक परिणाम

जोधपुर

Published: April 07, 2022 04:21:49 pm

Crops Production - पश्चिमी राजस्थान में खेती के लिए किसानों को तेज गर्मी, शुष्क जलवायु,पानी की कमी आदि चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। इन समस्याओं के चलते यहां खेती करना आसान नहीं है। ऐसा कई बार हुआ जब पानी की कमी के चलते फसलें बर्बाद हुई है और किसानों की मेहनत पर पानी फिरा है। खेती में पानी की कमी की समस्या अब दूर होगी, और यहां पर भी कम पानी में फसलें पैदा होगी। इसके लिए कृषि विश्वविद्यालय भाभा आणविक अनुसंधान संस्थान (बार्क) मुंबई के साथ मिलकर शोध कर रहा है। विश्वविद्यालय में बार्क की ओर से उत्पादित हाइड्रोजेल उत्पाद से पश्चिमी राजस्थान में कम पानी से फसलों के उत्पादन पर काम किया जा रहा है। यह उत्पाद भूमि में पानी को सोखकर पौधों को उपलब्ध कराता है। यह अपने वजन से 400 गुना अधिक पानी को रोककर रखता है। विवि ने गेहूं, जीरा, ईसबगोल व सरसो के साथ सब्जियों में टमाटर पर प्रयोग किया है, जिनके सकारात्मक परिणाम आए है।
 Crops Production - राजस्थान के इन क्षेत्रों में कम पानी से होगा फसलों का उत्पादन
Crops Production - राजस्थान के इन क्षेत्रों में कम पानी से होगा फसलों का उत्पादन
सरसो के जीन प्रारुप विकसित किए
विश्वविद्यालय और बार्क रेडिएशन टेक्नोलॉजी से गेहूं, सरसो, जीरा, ईसबगोल की नई किस्में विकसित करने पर कार्य कर रहा है। जो अन्य तरीकों से विकसित किस्मों से ज्यादा कारगर होगी। इस तकनीक से इन फसलों में कटाई के बाद होने वाले नुकसान रोकने पर भी काम किया जाएगा। विश्वविद्यालय ने वर्तमान में सरसो की टीएम 108-1 व टीएम 267-3 उन्नत जीन प्रारुप विकसित किए है, जो जल्द ही किस्म के रूप में किसानों को उपलब्ध कराए जाएंगे
बार्क के साथ एमओयू करने वाला पहला विश्वविद्यालय
जोधपुर कृषि विश्वविद्यालय व बार्क के बीच अनुसंधान के विभिन्न क्षेत्रों में तथा कृषि में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में परस्पर सहयोग के लिए 5 वर्षीय समझौता किया गया है। समझौते के तहत बार्क व विश्वविद्यालय मिलकर महत्वपूर्ण फसलाें की उन्नत व रोग रोधी किस्मों पर काम करेंगे, जो पश्चिमी राजस्थान की जलवायु के अंतर्गत अधिक उपज व गुणवत्तापूर्वक उत्पाद पैदा करने में सक्षम होगी। बार्क के साथ एमओयू करने वाला जोधपुर प्रदेश का पहला कृषि विश्वविद्यालय है।
विवि के बार्क के साथ मिलकर कर रिसर्च में सकारात्मक परिणाम आ रहे है। सभी प्रोजेक्ट़स पर कार्य प्रगति पर है। जो आने वाले समय में प राजस्थान के किसानों के लिए बहुत उपयोगी होंगे।
प्रो बीआर चौधरी, कुलपति
कृषि विश्वविद्यालय जोधपुर
बार्क के साथ मिलकर रेडिएशन टेक्नोलॉजी से विभिन्न किस्मों पर काम चल रहा है। अब तक सरसो के जीन प्रारुप आदि पर सफल प्रयोग हुए हैं।
प्रो राहुल भारद्वाज, असिस्टेंट प्रोफेसर
कृषि विश्वविद्यालय

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