कोर्ट कमिश्नर्स की रिपोर्ट में सामने आई डॉग शेल्टर होम की दुर्दशा, श्वानों को मिलेगा दूध

कोर्ट कमिश्नर्स की रिपोर्ट में सामने आई डॉग शेल्टर होम की दुर्दशा, श्वानों को मिलेगा दूध

Harshwardhan Singh Bhati | Updated: 04 Jul 2019, 01:22:40 PM (IST) Jodhpur, Jodhpur, Rajasthan, India

सरकार का दावा दो डॉक्टर नियुक्त किए, कोर्ट ने दोनों को व्यक्तिगत रूप से तलब किया

 

जोधपुर. नगर निगम की अनदेखी से सूरसागर रोड पर स्थित डॉग शेल्टर होम (कुत्तों का बाड़ा) में कुत्तों की देखभाल के कोई इंतजाम नहीं है। राजस्थान हाईकोर्ट की ओर से नियुक्त दो कोर्ट कमिश्नर्स की रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है। रिपोर्ट में कहा गया कि सैकड़ों कुत्तों की सेहत की जांच के लिए कोई डॉक्टर या वेटेनरी सहायक नियुक्त नहीं है। इसके उलट बुधवार को सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से बताया गया कि हाल ही डॉग शेल्टर होम में दो डॉक्टरों की नियुक्ति की गई है। इस पर कोर्ट ने दोनों डॉक्टर्स को शुक्रवार को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य न्यायाधीश एस. रविंद्र भट्ट और न्यायाधीश डॉ. पुष्पेंद्रसिंह भाटी की खंडपीठ में श्वेता जैन की ओर दायर जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान याची के अधिवक्ता राजवेंद्र सारस्वत ने कोर्ट कमिश्नर्स की रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया कि डॉग शेल्टर होम में कुत्तों के रखरखाव, चिकित्सा सुविधाओं, खाद्य पदार्थों सहित अन्य अव्यवस्थाएं सामने आई हैं। रिपोर्ट में एक भी डॉक्टर या वेटेनरी सहायक की नियुक्ति नहीं होने का तथ्य सामने आया है, जिस पर राज्य सरकार की ओर से दो डॉक्टर नियुक्त करने की जानकारी दी गई। सरकार के तथ्य को जांचने के लिए खंडपीठ ने दोनों ही डॉक्टर्स को शुक्रवार को उपस्थित रहने को कहा है।


आधारभूत सुविधाओं की कमी

कोर्ट कमिश्नर मनोज भंडारी और अनिरुद्ध पुरोहित ने अपनी रिपोर्ट में कई पहलुओं को उजागर किया है। रिपोर्ट के अनुसार डॉग शेल्टर होम की दीवार क्षतिग्रस्त है, जहां से कई बार कुत्ते बाहर निकल जाते हैं। घायल और बीमार कुत्तों को दूसरे कुत्तों के साथ रखा गया है, जिससे उनको भी संक्रमण का खतरा रहता है। नर या मादा कुत्तों को अलग-अलग रखने की व्यवस्था नहीं है। रिपोर्ट तैयार किए जाने तक शेल्टर होम में कोई डॉक्टर तैनात नहीं था, जिसके चलते रेबिज और अन्य संक्रामक रोगों से ग्रसिक कुत्तों का कोई इलाज नहीं हुआ। ऑपरेशन थियेटर व डिस्पेंसरी का कोई उपयोग नहीं हो रहा।

ऑपरेशन के लिए चार टेबलें उपलब्ध करवाई गई थी, लेकिन उनका भी कोई उपयोग नहीं हुआ। कोई कुत्ता वेक्सीनेटेड नहीं था। यहां तक कि मृत कुत्तों के शव के निस्तारण की कोई व्यवस्था नहीं थी। रिपोर्ट के अनुसार कुत्तों के शव को बाहर डस्ट बिन में डाला जा रहा था। निगम ने कुत्तों के शव को हटाने का दावा किया, लेकिन कोर्ट कमिश्नर्स के सामने पड़ौसियों ने कहा कि कई दिनों तक शव हटाए नहीं जाते। इसके चलते आस-पास का वातावरण खराब हो रहा है।

अलग से एंबुलेंस नहीं

रिपोर्ट के अनुसार डॉग शेल्टर में एंबुलेंस की व्यवस्था नहीं है। निगम ने छह सफाईकर्मी नियुक्त करने की बात कही है, लेकिन वे डॉग शेल्टर के रखरखाव के लिए दक्ष नहीं है। सायं पांच बजे के बाद शेल्टर की निगरानी के लिए कोई निगमकर्मी नहीं रहता। यहां कोई प्रशासनिक अधिकारी नियुक्त नहीं है। शहर में कुत्ते पकडऩे के लिए दो टीमें और दो ही वाहन उपलब्ध हैं। इस कारण आवारा कुत्तों की समस्या का निदान नहीं हो पा रहा। शेल्टर में कुत्तों के खान-पान के माकूल प्रबंध नहीं हैं और न ही सीवरेज व ड्रेनेज की समस्या का कोई समाधान किया गया है। कुत्तों का बधियाकरण भी नहीं किया जा रहा।

श्वानों को मिलेगा हर रोज 20 लीटर दूध

जोधपुर नगर निगम की ओर से संचालित किए जा रहे कुत्तों के बाड़े में श्वानों के लिए अब प्रतिदिन 20 लीटर दूध उपलब्ध कराया जाएगा। नगर निगम ने सरस डेयरी को 1 वर्ष के लिए कार्यादेश जारी किया है। निगम आयुक्त सुरेश कुमार ओला ने बताया कि सूरसागर स्थित कुत्तों के बाड़े में रहने वाले श्वानों के लिए नगर निगम की ओर से प्रतिदिन 20 लीटर दूध की व्यवस्था शुरू की जा रही है, इसके लिए अग्रिम 1 वर्ष तक सरस डेयरी को दूध सप्लाई करने का कार्य आदेश दिया गया है।

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