चुनाव-त्योहार ने खतरा दोगुना किया, अब शादियों से चरम पर पहुंचने का अंदेशा

- सर्वाधिक संक्रमण दर के बीच बाजार में भीड़ और समारोह में 100 से 200 लोगों के जुटने से खतरा बढऩे की आशंका

 

By: Avinash Kewaliya

Published: 20 Nov 2020, 10:57 PM IST

जोधपुर.
सितम्बर के बाद अभी कोरोना की दूसरी सबसे खतरनाक लहर चल रही है। इसे जानलेवा भी कहा जा रहा है। इसके अभी चरम पर पहुंचने का भी खतरा बना हुआ है। शादियों का सीजन शुरू होने वाला है जो कि सर्दी के साथ कोरोना के प्रचार का प्रमुख कारण बन सकता है।

अभी बाजार में भयावह स्थिति

शादियों का सीजन अगले एक माह तक चरम पर रहेगा। ऐसे में बाजार में भीड़ जुट रही है। सोशल डिस्टेंसिंग की पालना करवाना यहां मुमकिन नहीं हो पा रहा। शहर के नई सडक़, कपड़ा बाजार, त्रिपोलिया, कंदोई बाजार, लखारा बाजार सहित परकोटे के अन्य बाजार में भीड़ नियंत्रण करना चुनौती है। हालांकि नगर निगम की ओर से इस पर कार्रवाई की जा रही है लेकिन इसका कुछ खास असर होता नजर नहीं आ रहा।

समारोह में 200 जने और गांवों में अनलिमिटेड
शादी-समारोह में 200 जने तक जमा होने की उम्मीद है। गांव में तो यह संख्या काफी ज्यादा हो सकती है। क्योंकि वहां अनुमति या जांच का दायरा प्रभावी नहीं है। ऐसे में स्थितियां विकट हो सकती है।

चुनावों व त्योहार ने बिगाड़ा माहौल

अक्टूबर माह में संक्रमितों की संख्या और मौतों का आंकड़ा कम था। इसका कारण था कि सितम्बर माह में कुछ सजगता चली। इसके बाद सरपंच चुनावों ने गांवों में और निगम चुनावों ने शहरों में स्थिति बिगाड़ दी। त्योहारी उत्साह में भी लोग गाइड लाइन की पालना करना भूल गए। इसी का परिणाम है कि संक्रमण दर 50 प्रतिशत को पार कर गई है।

6 लाख मास्क बंटे, फिर भी लोग पहन नहीं रहे
नगर निगम व अन्य संस्थाओं ने मिलकर पिछले दो माह में 6 लाख मास्क दिए हैं। लेकिन इसके बावजूद अब भी लोगों में मास्क के प्रति जागरूकता नहीं आई है। ऐसे में एक वर्ग जो मास्क खरीदने में सक्षम नहीं था उस तक मास्क तो पहुंच गया, लेकिन अब सख्ती जरूरी होगी।

COVID-19
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