जोधपुर के प्रख्यात समाजसेवी ( social worker ) महेंद्र लोढ़ा ( mahendra lodha ) का शनिवार सुबह निधन हो गया। वे 79 वर्ष के थे। लोढ़ा समाज के कई क्षेत्रों में सेवा के लिए जाने जाते थे। उनकी पार्थिव देह जोधपुर के एस एन मेडिकल कॉलेज ( SN medical college) को दान की गई। पूर्व सांसद गजसिंह ( maharaja gajsingh ) की ओर से उम्मेद भवन स्टाफ ने उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की।

 

करीब 50 से अधिक संस्थाओं से जुड़े

लोढ़ा स्वामी विवेकानंद चैरिटेबल ट्रस्ट, अखिल भारतीय कौमी एकता कमेटी, लॉयंस क्लब और संबोधि धाम सहित शहर की करीब 50 से अधिक संस्थाओं से जुड़े हुए थे। वे जोधपुर में लावारिस बच्चों को नालियों में फेंके जाने की घटनाओं के बाद स्थापित नवजीवन संस्थान से तीन दशक तक लगातार जुड़े रहे। लोढ़ा की ओर से राजस्थान हाईकोर्ट में दायर याचिकाओं पर कई महत्वपूर्ण आदेश दिए गए। इनमें शहर के ट्रांसपोर्ट व्यवसाइयों को शहर सीमा से बाहर शिफ्ट करने और दिन के समय भारी वाहनों का शहर सीमा में प्रवेश न होने देने का आदेश प्रमुख है। मेडिकल कॉलेज में सीनियर प्रोफसर और एनाटॉमी विभागाध्यक्ष डॉ. सुषमा कटारिया ने बताया कि लोढ़ा की देह उनके पुत्र रवि लोढ़ा के माध्यम से मेडिकल कॉलेज को प्राप्त हो गई है और यह मेडिकल विद्यार्थियों के काम आएगी।

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned