प्रदेश के दूसरे सबसे बड़े सोलर पार्क को धरातल पर लाने की कवायद

- 925 मेगावट है नोख सोलर पार्क की क्षमता

- भड़ला के बाद दूसरा सबसे बड़ा सोलर पार्क होगा

 

By: Avinash Kewaliya

Published: 06 Jan 2021, 11:08 PM IST

जोधपुर।
ग्रीन एनर्जी के क्षेत्र में प्रदेश को अव्वल बनाने के लिए जैसलमेर का नोख एक और मील का पत्थर साबित होगा। कोरोना की वजह से रुका हुआ नोख सोलर पार्क धरातल पर लाने की कवायद शुरू हो गई है। प्रदेश के दूसरे सबसे बड़े सोलर पार्क के लिए सुविधाएं विकसित करने का काम राजस्थान अक्षय ऊर्जा निगम लिमिटेड कर रहा है।

जोधपुर के भड़ला सोलर पार्क जिसकी क्षमता 2250 मेगावाट है, उसके बाद यह 925 मेगावाट का दूसरा सबसे बड़ा सोलर पार्क है। इसे पूरी तरह से आरआरइसीएल ही विकसित कर रहा है। भड़ला के चार फेस की सफलता के साथ ही इसकी शुरुआत हो गई थी, कोविड लॉकडाउन से पहले जमीन अधिग्रहण व अन्य प्रक्रियाएं शुरू हुई, लेकिन बीच में काम रुक गया। अब एक बार फिर से सुविधाएं विकसित करने के लिए काम शुरू हो रहे हैं। सडक़ व अन्य इन्फ्रास्ट्रक्चर विकसित करने के बाद सोलर प्लांट इंस्टालेशन का काम शुरू होगा। 2021 में ही इस पार्क से बिजली उत्पादन की उम्मीद है।

पांच हजार की क्षमता को छू रहा राजस्थान
प्रदेश में पिछले वर्ष तक के आंकड़ों के लिहाज से 4996 मेगावाट के सोलर ऊर्जा के संयंत्र स्थापित थे। लेकिन नई सोलर ऊर्जा नीति के अनुसार 30 हजार क्षमता के सोलर प्लांट लगाना प्रस्तावित है।

जमीन मिली, अब सुविधाएं विकास

जैसलमेर के नोख में सोलर पार्क विकास के लिए आरआरइसीएल को 1850 हेक्टेयर जमीन मिल गई है। इसके लिए पिछले दो वर्ष से संघर्ष चल रहा था। पहले इस पार्क की क्षमता 975 मेगावाट थी, लेकिन कुछ जमीन कम मिलने के कारण अब 925 मेगावाट ही रह गई है।

Avinash Kewaliya
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