जेल में कैद बंदियों की अवैध गतिविधियां पकडऩे के लिए अब ड्रॉन से नजर

- जोधपुर सेन्ट्रल जेल में ड्रॉन की मदद से हो रही आकस्मिक जांच
- बंदियों के मोबाइल के उपयोग व अवैध गतिविधियां पकडऩे के लिए पुलिस की कवायद

By: Jay Kumar

Published: 22 Sep 2020, 12:10 PM IST

जोधपुर. जेल की चारदीवारी में कैद होने के बावजूद बंदी व कैदी हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं। इनकी अवैध गतिविधियों और मोबाइल के उपयोग पर नियंत्रण के लिए जेल में सीसीटीवी कैमरों के साथ ही पुलिस अब आकस्मिक ड्रॉन उड़ाकर नजर रखने की कोशिश कर रही है। गत दिनों दो-तीन दिन के अंतराल में जेल के ऊपर ड्रॉन के उडऩे से सभी अलर्ट हो गए थे।

हर कुछ दिन में आकस्मिक उड़ाया जाएगा ड्रॉन
रातानाडा थानाधिकारी रमेश शर्मा का कहना है कि जेल में बंदियों की गतिविधियों पर नियंत्रण और हर हरकत को कैमरे में कैद करने के लिए हर कुछ दिन में ड्रॉन उड़ाया जा रहा है। उसके उच्च तकनीक वाले कैमरों से जेल के प्रमुख स्थानों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। इसके अलावा, प्रतिदिन पुलिस का एक जवान जेल में जाकर बंदियों पर नजर रखे हुए है और जेल के बाहर भी सादे वस्त्रों में पुलिस लगाई गई है।

पुलिस के नियंत्रण में कैमरों की मॉनिटरिंग
गत १२ जुलाई को हिस्ट्रीशीटर कैलाश उर्फ डोडिया के जेल की दीवार फांदकर भागने के बाद पुलिस ने जेल में लगे १३५ कैमरों की मॉनिटरिंग अपने नियंत्रण में ले ली थी। अभय कमाण्ड एण्ड कन्ट्रोल सेंटर से इन सभी कैमरों की मॉनिटरिंग की जा रही है।

मुख्य जेल में १३५ व क्वॉरंटीन जेल में ११ कैमरे
जोधपुर सेन्ट्रल जेल में कुख्यात बदमाशों की गैंग बंद है। इनमें लॉरेंस के गुर्गे भी शामिल है। वहीं, भंवरीदेवी प्रकरण से जुड़े आरोपी भी जेल में बंद है। जेल प्रशासन ने जेल परिसर के हर बैरिक व सैल में १३५ सीसीटीवी कैमरे लगा रखे हैं। वहीं, नए बंदियों के लिए महिला जेल में बनाए गए क्वॉरंटीन जेल में भी ११ सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं। जेल प्रशासन के साथ ही पुलिस भी इनकी मदद से मॉनिटरिंग कर रही है। इसके बाद से बंदी मोबाइल के उपयोग को लेकर सावचेती बरतने लगे हैं।

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